हरिद्वार (रिपोर्टर)। जीएसटी की बकाया मांग जमा न करने वाले व्यापारियों के खिलाफ राज्य कर विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में सहायक आयुक्त, राज्य कर डॉ. प्रियंका तथा राज्य कर अधिकारी शशांक शाह के नेतृत्व में विभागीय टीम ने एक बकायेदार व्यापारी की फैक्ट्री पर कार्रवाई करते हुए प्रतिष्ठान को बंद करा दिया। विभाग की इस कार्रवाई से जीएसटी का बकाया रखने वाले व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित फैक्ट्री में व्यावसायिक एवं उत्पादन संबंधी गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही थीं। प्रतिष्ठान में कारोबार जारी रहने के बावजूद व्यापारी द्वारा लंबे समय से लंबित जीएसटी मांग का भुगतान नहीं किया गया था। विभाग की ओर से बकाया करराशि जमा करने के लिए व्यापारी को पूर्व में निर्देशित किया गया था। इसके साथ ही विभागीय अधिकारियों ने दूरभाष के माध्यम से भी संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन व्यापारी का मोबाइल फोन बंद मिला।
विभाग ने बताया कि बकाया जीएसटी मांग जमा न करने, विभागीय अधिकारियों के संपर्क से बचने और फैक्ट्री में लगातार कारोबार संचालित किए जाने को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई। इसके तहत विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रतिष्ठान को बंद करा दिया। सहायक आयुक्त, राज्य कर डॉ. प्रियंका ने कहा कि शासन और राज्य कर विभाग सरकारी राजस्व की वसूली को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा, “जो व्यापारी जीएसटी की बकाया देयता का समय से भुगतान नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार वसूली की कार्रवाई की जाएगी। विभाग की प्राथमिकता है कि सरकारी राजस्व की बकाया राशि समय पर जमा हो और करदाता अपनी वैधानिक जिम्मेदारियों का पालन करें। डॉ. प्रियंका ने बकायेदार व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की कठोर कार्रवाई से बचने के लिए अपनी लंबित जीएसटी देयता का तत्काल भुगतान करें। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को विभागीय अधिकारियों के साथ सहयोग करना चाहिए और बकाया करराशि के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया समय से पूरी करनी चाहिए।
राज्य कर विभाग ने स्पष्ट किया है कि कारोबार संचालित करने के बावजूद सरकारी राजस्व का भुगतान नहीं करने वाले बकायेदारों के खिलाफ नियमानुसार विभिन्न वसूली कार्रवाई की जा सकती है। इसमें प्रतिष्ठान बंद कराने के साथ बैंक खातों पर कार्रवाई, संपत्ति की कुर्की और अन्य वैधानिक कदम शामिल हो सकते हैं। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि जीएसटी व्यवस्था में पारदर्शिता और राजस्व संग्रह सुनिश्चित करने के लिए बकायेदार व्यापारियों की देनदारियों की निगरानी की जा रही है। जिन व्यापारियों पर जीएसटी की मांग लंबित है, उन्हें समय रहते बकाया जमा करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

वैदिक पुत्री पाठशाला में हीमोग्लोबिन जाँच शिविर का आयोजन
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। भारत विकास परिषद्–मुजफ्फरनगर ‘संकल्प’ द्वारा ‘एनीमिया मुक्त भारत’ अभियान के अंतर्गत 18 अगस्त मंगलवार को वैदिक पुत्री पाठशाला, नई मंडी, मुजफ्फरनगर में हीमोग्लोबिन जाँच शिविर का आयोजन किया गया। इस जनहितकारी स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत 125 बालिकाओं के हीमोग्लोबिन की जाँच अग्रवाल पैथलैब के अनुभवी चिकित्सकों द्वारा की गई। इस अवसर पर प्रांतीय






