मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। आस्था, भक्ति और एक पिता के निश्चल प्रेम की अनूठी मिसाल शहर में देखने को मिल रही है। प्रसिद्ध फेसबुक क्रिएटर अंकित तोमर अपने 11 माह के बीमार पुत्र के पूरी तरह स्वस्थ होने पर भगवान भोलेनाथ का आभार व्यक्त करने के लिए हरिद्वार से दंडवत कांवड़ यात्रा निकाल रहे हैं। शनिवार को वह अपनी इस कठिन यात्रा के साथ मुजफ्फरनगर से होते हुए अपने गृह नगर बुढ़ाना की ओर रवाना हुए।
बुढ़ाना तहसील के गांव सफीपुर निवासी अंकित तोमर ‘यूपी वाले कपल’ नाम से फेसबुक पेज चलाते हैं, जिस पर उनके 1.4 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। अंकित ने बताया कि 11 महीने पहले जब उनके घर पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई, तो परिवार में खुशियों का माहौल था। लेकिन जन्म के बाद से ही उनका बेटा शिवांस लगातार बीमार रहने लगा। डाक्टरों के चक्कर काटने और हर संभव इलाज के बावजूद जब बच्चे की स्थिति में स्थायी सुधार नहीं हुआ, तो अंकित और उनके परिवार ने सब कुछ भगवान शिव पर छोड़ दिया।
अंकित ने भगवान आशुतोष से मन्नत मांगी थी कि यदि उनका पुत्र पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जाएगा, तो वह हरिद्वार से दंडवत प्रणाम करते हुए गंगाजल लाएंगे। बाबा भोलेनाथ की कृपा से मासूम शिवांस अब पूरी तरह स्वस्थ और चंगा है।
अपनी मनोकामना पूरी होने पर अंकित 21 जुलाई को हरिद्वार के हर की पौड़ी से गंगाजल उठाकर दंडवत कांवड़ यात्रा पर निकले थे। इस बेहद कठिन और भक्तिमय यात्रा में अंकित अकेले नहीं हैं। 11 माह के मासूम शिवांस के साथ उनकी पत्नी सोनम, माता इन्द्रा, भाई अमित, भांजा विशाल, भतीजा आर्य और भतीजी आरजू भी उनके साथ कदम से कदम मिलाकर पैदल यात्रा कर रहे हैं। कड़ी धूप और विपरीत परिस्थितियों की परवाह किए बिना अंकित हर कदम पर बाबा भोलेनाथ का नाम जपते हुए दंडवत यात्रा पूरी कर रहे हैं। रास्ते में जहां भी यह जत्था पहुंच रहा है, राहगीर और श्रद्धालु एक पिता की ऐसी अडिग भक्ति और समर्पण को देखकर भावुक हो रहे हैं और उनका जोरदार स्वागत कर रहे हैं।

भागवन्ती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई विश्वकर्मा जयंती
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। भागवन्ती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, नई मंडी, मुजफ्फरनगर के प्रार्थना सभा स्थल पर श्री विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में भगवान विश्वकर्मा के दिव्य व्यक्तित्व, सृजनशीलता, शिल्प-कौशल एवं कर्मयोगी जीवन से विद्यार्थियों को परिचित कराया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में आचार्या पूर्णिमा






