मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। विश्व ओआरएस दिवस के अवसर पर 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों में डायरिया से होने वाली बीमारी एवं मृत्यु को रोकने के उद्देश्य से संचालित “डायरिया से डर नहीं” अभियान के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति, मुजफ्फरनगर के तत्वावधान में जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के मार्गदर्शन में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या वर्मा की अध्यक्षता तथा पीएसआई इंडिया एवं केन्यू के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या वर्मा ने बताया कि विश्व ओआरएस दिवस वर्ष 2001 से मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य डिहाइड्रेशन के कारण होने वाली मृत्यु दर में कमी लाना तथा ओआरएस के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि दस्त होने पर समय पर ओआरएस एवं जिंक का सेवन बच्चों के जीवन की रक्षा करने में अत्यंत प्रभावी है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से समुदाय में व्यापक जनजागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अश्वनी ने बताया कि भारतीय बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दिलीप महालानबीस को “फादर ऑफ ओआरएस” कहा जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान शरणार्थी शिविरों में हैजा एवं दस्त से पीड़ित लोगों की जान बचाने में ओआरएस घोल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने ओआरएस घोल तैयार करने तथा उसके सही उपयोग की विधि की विस्तार से जानकारी दी।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि डायरिया से बचाव के लिए आशा एवं एएनएम का नियमित प्रशिक्षण एवं ओरिएंटेशन अत्यंत आवश्यक है, जिससे वे समुदाय में प्रभावी जनजागरूकता फैलाकर बच्चों को इस बीमारी से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने स्टॉप डायरिया अभियान के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, साबुन से हाथ धोने की आदत तथा समय पर उपचार अपनाकर डायरिया की रोकथाम प्रभावी ढंग से की जा सकती है।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, आईसीडीएस विभाग के प्रतिनिधि, नगर पालिका के प्रतिनिधि तथा पीएसआई इंडिया के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
इस अवसर पर नगर पालिका इंटर कॉलेज में छात्राओं के मध्य डायरिया से बचाव, स्वच्छता, हाथ धोने की सही आदत तथा ओआरएस एवं जिंक के महत्व विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं ने आकर्षक एवं संदेशपरक पोस्टरों के जरिए डायरिया की रोकथाम तथा स्वच्छ व्यवहार अपनाने का संदेश दिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही उपस्थित छात्राओं को ओआरएस के सही उपयोग, सुरक्षित पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा डायरिया होने पर तुरंत उपचार के संबंध में भी जागरूक किया गया।

भागवन्ती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई विश्वकर्मा जयंती
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। भागवन्ती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, नई मंडी, मुजफ्फरनगर के प्रार्थना सभा स्थल पर श्री विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में भगवान विश्वकर्मा के दिव्य व्यक्तित्व, सृजनशीलता, शिल्प-कौशल एवं कर्मयोगी जीवन से विद्यार्थियों को परिचित कराया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में आचार्या पूर्णिमा






