मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने विवाहोत्तर संबंध और पारिवारिक बिखराव के बढ़ते संकट के समाधान पर किये गए अध्ययन को पढ़ने पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक दौर में जीवनसाथी के साथ मामूली मतभेद होने पर रिश्ते को सुधारने के बजाय किसी तीसरे व्यक्ति की तरफ आकर्षित होना आसान विकल्प लगने लगता है,जो पतन व विनाश का कारण बनता है। उन्होंने विवाहोत्तर संबंध के मुख्य कारणों पर चर्चा करते हुए कहा कि लोग शादी के बाद भी इन कारणों से अन्य संबंधों की ओर आकर्षित होते है।
• भावनात्मक दूरी: पार्टनर से सम्मान न मिलना।
• शारीरिक असंतुष्टि: वैवाहिक जीवन में शारीरिक संबंधों की कमी या नीरसता।
• कम उम्र में शादी: परिपक्वता (Maturity) की कमी के कारण शादी का महत्व न समझना।
• अचानक आकर्षण: कार्यस्थल (Workplace) या सोशल मीडिया पर किसी के प्रति आकर्षित होना।
• वैचारिक मतभेद: पति-पत्नी के विचारों, जीवनशैली और प्राथमिकताओं में भारी अंतर होना।
मीडिया और समाचारों में ऐसी घटनाएं अक्सर सामने आती हैं, जहां विवाहोत्तर संबंध में लिए गए फैसलों का अंत अपराध या त्रासदी के रूप में होता है।
मनोवैज्ञानिक और सामाजिक दृष्टिकोण से ऐसी घटनाओं के पीछे निम्नलिखित मुख्य कारण और परिस्थितियां होती हैं:
ऐसी घटनाओं में पीछे न हटने के मुख्य कारण
• अंधा विश्वास और भ्रम (Blind Trust): महिलाएं अक्सर वैवाहिक जीवन के तनाव से भागने के लिए प्रेमी के वादों को पूरी तरह सच मान लेती हैं। वे भविष्य की आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को नजरअंदाज कर देती हैं।
• लक्षणों को पहचान न पाना (Red Flags): शुरुआत में प्रेमी का व्यवहार बहुत अच्छा लग सकता है, लेकिन बाद में उसका हिंसक, शक्की या गैर-जिम्मेदार रूप सामने आता है, जिसे महिलाएं समय रहते पहचान नहीं पातीं।
• सामाजिक और पारिवारिक अलगाव: जब एक महिला अपने पति और बच्चों को छोड़ देती है, तो वह अपने मूल परिवार और समाज का समर्थन भी खो देती है। अकेले पड़ जाने के कारण वह पूरी तरह प्रेमी पर निर्भर हो जाती है, जिससे उसका शोषण आसान हो जाता है।
ऐसी घटनाओं में ब्लैकमेलिंग व बर्बादी होना
• अपेक्षाओं का टूटना: जब प्रेमी शादी करने से मना करता है, तो दोनों के बीच गंभीर विवाद शुरू हो जाता है। ब्लैकमेलिंग या बदनामी के डर से प्रेमी अक्सर हिंसक कदम (जैसे हत्या) उठा लेता है।
• अपराधियों की मानसिकता: कई मामलों में प्रेमी का उद्देश्य केवल शारीरिक या आर्थिक शोषण करना होता है। जिम्मेदारी सामने आने पर वे अपराध का रास्ता चुन लेते हैं।
ऐसी त्रासदियों से बचने के लिए इन व्यावहारिक बातों को समझना बहुत जरूरी है: भरोसे की एक सीमा तय करें: किसी भी व्यक्ति के लिए अपने बने-बनाए परिवार, बच्चों या सुरक्षित जीवन को दांव पर न लगाएं। भावुकता में आकर लिए गए फैसले अक्सर असुरक्षित कर देते हैं। सच्चाई को स्वीकार करें: यदि कोई व्यक्ति शादी से कतरा रहा है, तो जबरदस्ती रिश्ता बनाने के बजाय दूरी बना लेना ही समझदारी है। कानून का सहारा लें: यदि कोई आपको धोखा दे रहा है, ब्लैकमेल कर रहा है या डरा रहा है, तो अकेले निपटने के बजाय तुरंत पुलिस या परिवार को सूचित करें।

सावधान! मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियां बन सकती है जानलेवा
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। अब गर्मी के मौसम में रात को चैन की नींद सोने की हसरत मुश्किल में भी डाल सकती है। वर्तमान में घर-घर में प्रयोग किए जा रहे मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती से सावधान रहिए। कुछ ब्रांड की मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियों में हानिकारक रसायन मिलाया जा रहा है। इसके नियमित उपयोग स्वास्थ्य के






