आईसीएआर और एग्रोस्टार के बीच देश में वैज्ञानिक कृषि और किसान सशक्तिकरण को गति देने की पहल

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मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने देशभर में वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के प्रसार, एआई-आधारित कृषि परामर्श सेवाओं के विस्तार तथा किसान क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भारत की अग्रणी एग्रीटेक कंपनी एग्रोस्टार के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। आईसीएआर, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत देश की सर्वोच्च कृषि अनुसंधान संस्था है, जो राष्ट्रीय स्तर पर कृषि अनुसंधान, शिक्षा और विस्तार गतिविधियों के समन्वय एवं मार्गदर्शन का दायित्व निभाती है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता आईसीएआर के महानिदेशक एवं सचिव डॉ. एमएल जाट ने की। आईसीएआर की ओर से उप महानिदेशक डॉ. राजबीर सिंह ने पूसा परिसर/कृषि भवन में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। डॉ. आरके सिंह एडीजी एक्सटेंशन ने कार्यक्रम का संयोजन किया।
यह साझेदारी विश्व के सबसे बड़े कृषि अनुसंधान नेटवर्क में से एक आईसीएआर तथा भारत के तेजी से उभरते किसान-केंद्रित एगटेक प्लेटफॉर्म एग्रोस्टार को एक साझा मंच पर लेकर आती है। आईसीएआर की शोध एवं विस्तार विशेषज्ञता और एग्रोस्टार के व्यापक डिजिटल किसान नेटवर्क के संयोजन से यह पहल कृषि उत्पादकता में वृद्धि, फसल हानि में कमी, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, खेती की लागत में कमी तथा किसानों के लिए बेहतर बाजार अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करेगी। यह सहयोग एग्रोस्टार के मिशन “Helping Farmers Win” को और अधिक सशक्त बनाएगा।
समझौते के तहत एग्रोस्टार और आईसीएआर तकनीकी ज्ञान हस्तांतरण, वैज्ञानिक फसल निदान प्रणाली, किसान परामर्श सेवाओं, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों, फील्ड ट्रायल्स तथा कृषि प्रौद्योगिकियों के व्यावसायिक विस्तार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। इसमें उन्नत फसल किस्मों एवं हाइब्रिड्स, जैविक नवाचारों तथा सूक्ष्मजीव-आधारित अनुसंधान को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे टिकाऊ कृषि पद्धतियों को मजबूती मिल सके। इस सहयोग के माध्यम से किसानों को रियल-टाइम कृषि सलाह, गुड एग्रीकल्चरल प्रैक्टिसेज (GAP), उपग्रह एवं भू-स्थानिक विश्लेषण, एआई-संचालित फसल पूर्वानुमान, सटीक कृषि तकनीकों तथा गुणवत्तापूर्ण कृषि इनपुट्स तक बेहतर पहुंच प्राप्त होगी। यह पहल पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, मृदा स्वास्थ्य सुधार और वैज्ञानिक फसल योजना जैसे क्षेत्रों में अधिक प्रभावी एवं डेटा-आधारित निर्णय लेने में सहायता करेगी।
यह पहल एग्रोस्टार के एशिया के सबसे बड़े एग्री एडवाइजरी सेंटर तथा आईसीएआर के देशव्यापी अनुसंधान संस्थानों एवं कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) की संयुक्त विशेषज्ञता का लाभ उठाएगी। आईसीएआर एवं केवीके के वैज्ञानिक फील्ड स्तर पर फसल निदान, किसान प्रशिक्षण, प्रदर्शन कार्यक्रमों एवं कार्यशालाओं का संचालन करेंगे, जबकि एग्रोस्टार अपने मजबूत जमीनी नेटवर्क के माध्यम से इन सेवाओं को किसानों तक अंतिम स्तर तक पहुँचाने का कार्य करेगा। यह साझेदारी भारतीय किसानों के बीच स्मार्ट कृषि उपकरणों, डिजिटल निर्णय सहायता प्रणालियों तथा सतत कृषि पद्धतियों के अपनाने को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर एग्रोस्टार के उपाध्यक्ष – अनुसंधान एवं नियामक मामलों, मुजफ्फरनगर जनपद के प्रमुख समाजसेवी एवं कृषि मामलों के विशेषज्ञ डॉ. देवराज आर्य ने कहा, “यह साझेदारी भारतीय किसानों के लिए वैज्ञानिक कृषि को अधिक सुलभ, व्यावहारिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आईसीएआर की शोध विशेषज्ञता और एग्रोस्टार की डिजिटल पहुंच एवं किसान सहभागिता तंत्र को एकीकृत कर हम ऐसे स्केलेबल और टिकाऊ समाधान विकसित करना चाहते हैं, जो कृषि उत्पादकता, मृदा स्वास्थ्य और किसान आय को सुदृढ़ करने में सहायक हों।

ग्राम प्रधानों के कार्यकाल में 6 माह की वृद्धि, मंत्री कपिल देव के प्रयासों से मिली बड़ी राहत

लखनऊ/मुज़फ्फरनगर (रिपोर्टर)। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर न हो पाने के कारण प्रदेश सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सभी ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 6 माह के लिए बढ़ा दिया गया है। प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा था, ऐसे में शासन द्वारा जारी

पंचायत चुनाव तक ग्राम प्रधान बने रहेंगे प्रशासक, सीएम योगी ने दी मंजूरी

लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव होने तक ग्राम प्रधान ही प्रशासक बने रहेंगे। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंजूरी दे दी है। प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद यह व्यवस्था लागू की जाएगी। ग्राम प्रधान संगठनों की मांग थी कि चुनाव

गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग, कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन

मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदेश सरकार से गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश सचिव एवं पूर्व महानगर अध्यक्ष अब्दुल्ला आरिफ के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़

मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु जनपद में राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं निरीक्षण कार्यक्रम जारी

मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। सीएमओ सुनील तेवतिया ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के नियोजन विभाग अंतर्गत स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमिशन द्वारा प्रदेश के समस्त जनपदों में मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाए जाने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं अध्ययन कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसी

विश्व थायरॉयड दिवस पर महिला चिकित्सालय में नवजात शिशुओं में जन्मजात हाइपोथायरॉयडिज्म विषयक सेमिनार आयोजित

मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जिला महिला चिकित्सालय मुजफ्फरनगर की CMS डॉ. आभा आत्रेय की अध्यक्षता में विश्व थायरॉयड दिवस के अवसर पर अस्पताल के मीटिंग हॉल (प्रथम तल) में “Congenital Hypothyroidism – Early Diagnosis & Management in Newborns” विषय पर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण एवं सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन SNCU के नोडल ऑफिसर डॉ.

डीएम-एसएसपी ने किया जिला करागार का निरीक्षण

मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। डीएम-एसएसपी ने सोमवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने बंदियों की बैरकों, रसोईघर, सुरक्षा उपकरणों आदि को चेक किया। बंदियों से वार्ता कर सुविधाओं व समस्याओं की जानकारी ली तथा सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सोमवार को जिलाधिकारी उमेश मिश्रा तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा द्वारा

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