हरिद्वार (संतोष कुमार)। उत्तराखंड में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को प्रभावित कर रखा है। बढ़ते तापमान के बीच प्रशासन विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर गंभीर नजर आ रहा है। जिलाधिकारी द्वारा पहले ही सभी स्कूलों के संचालन का समय सुबह 6:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित किया जा चुका है। साथ ही स्कूलों में पीने के पानी की व्यवस्था करने और समय-समय पर विद्यार्थियों को पानी पिलाने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन इन तमाम आदेशों और सावधानियों के बावजूद उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में परीक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिससे छात्रों में भारी रोष व्याप्त है।
विश्वविद्यालय में इन दिनों विभिन्न कक्षाओं की परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। आरोप है कि परीक्षाओं का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक रखा गया है, जबकि इसी समय गर्मी अपने चरम पर रहती है। ऐसे हालात में छात्रों को बिना पर्याप्त सुविधाओं के परीक्षा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा कक्षों में न तो पर्याप्त पंखों की व्यवस्था है और न ही एसी सही तरीके से काम कर रहे हैं। कई कमरों में पंखे बंद पड़े हैं, जबकि एसी केवल दिखावे तक सीमित हैं।
सबसे अधिक अव्यवस्था पत्रकारिता विभाग की परीक्षा के दौरान देखने को मिली। छात्रों के अनुसार जब वे परीक्षा केंद्र पहुंचे तो जिस कक्ष में उन्हें बैठाया गया, वहां न तो एसी लगे थे और न ही पर्याप्त पंखे मौजूद थे। उमस और तेज गर्मी के कारण परीक्षा देना बेहद कठिन हो गया। छात्रों ने जब इसका विरोध किया तो विश्वविद्यालय प्रशासन के परीक्षा व्यवस्थापक और रजिस्ट्रार मौके पर पहुंचे और अगले दो दिनों में व्यवस्थाएं सुधारने का आश्वासन दिया। हालांकि छात्रों का आरोप है कि तत्काल समस्या का समाधान करने के बजाय उन्हें दूसरे परीक्षा कक्ष में भेज दिया गया।
छात्रों का कहना है कि जिस कमरे की क्षमता केवल 50 से 60 विद्यार्थियों की थी, उसमें बड़ी संख्या में अतिरिक्त छात्रों को बैठा दिया गया। इससे कमरे में घुटन और अधिक बढ़ गई तथा छात्रों को परीक्षा देने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेने के बजाय केवल औपचारिकता निभाई।
गर्मी और अव्यवस्था के बीच परीक्षा दे रहे कई छात्रों की तबीयत भी खराब होने की शिकायत सामने आई है। विद्यार्थियों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि प्रशासन जहां एक ओर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है, वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन सरकारी निर्देशों को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहा है।
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी भीषण गर्मी में बिना पर्याप्त पानी, पंखों और एसी की व्यवस्था के परीक्षा कराना विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की है कि सभी परीक्षा कक्षों में तत्काल पंखे और एसी दुरुस्त कराए जाएं तथा पीने के ठंडे पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब बड़ा सवाल यह है कि जब पूरा प्रशासन गर्मी को लेकर अलर्ट मोड पर है, तब विश्वविद्यालय प्रशासन आखिर किस आधार पर छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है, जो चिंतन का विषय है।

नगर आयुक्त ने किया अपर रोड़, ब्रह्मपुरी व हरकी पैडी क्षेत्र का निरीक्षण
हरिद्वार (रिपोर्टर)। नगर आयुक्त नंदन कुमार ने नगर निगम टीम के साथ अपर रोड, ब्रह्मपुरी तथा हरकी पैड़ी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नगर निगम टीम ने दुकानदारों को सार्वजनिक मार्गों एवं घाट क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण न किया जाने की चेतावनी दी। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त






