मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। भागवंती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, नई मंडी मुजफ्फरनगर में एक भव्य एवं प्रेरणादायी अभिभावक सम्मेलन का आयोजन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अभिभावकों की ओर से साक्षी जैन जी ने की, जबकि कार्यक्रम का सुंदर एवं प्रभावशाली संचालन आचार्या दुर्गेश नंदिनी कौशिक द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में आचार्या सीमा सिंह ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में बालिकाओं के सर्वांगीण विकास हेतु विद्यालय एवं अभिभावकों के संयुक्त सहयोग की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों का प्रथम “रोल मॉडल” बताते हुए कहा कि बालिकाओं में श्रेष्ठ संस्कार, अनुशासन एवं उत्तम आदतों का विकास परिवार से ही प्रारंभ होता है। किशोरावस्था में बालिकाओं के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक विकास को संतुलित एवं संस्कारित बनाने हेतु उन्होंने अनेक उपयोगी सुझाव प्रदान किए।
विद्यालय की वरिष्ठ आचार्या रितु गोयल ने विद्यालय की शैक्षिक उपलब्धियों, उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों, प्रयोगात्मक शिक्षण पद्धति, स्मार्ट क्लास, पंचेंद्रिय आधारित शिक्षण, एटीएल लैब की गतिविधियों एवं संस्कारयुक्त शिक्षा प्रणाली की विस्तृत जानकारी अभिभावकों को दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय विद्यार्थियों को केवल शैक्षिक रूप से ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों से भी समृद्ध बनाने हेतु सतत कार्य कर रहा है, जिससे हमारी सांस्कृतिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुँच सके।
सम्मेलन में उपस्थित अभिभावकों ने विद्यालय की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली एवं संस्कारमयी शिक्षा व्यवस्था की भूरि-भूरि प्रशंसा की। साथ ही, बालिकाओं के विकास एवं अध्ययन से संबंधित विभिन्न समस्याओं एवं जिज्ञासाओं पर विचार-विमर्श कर उनका समाधान प्राप्त किया।
विद्यालय प्रधानाचार्या डॉ. वंदना शर्मा ने अपने ओजस्वी एवं भावपूर्ण उद्बोधन में रामायण एवं सुंदरकांड के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए जामवंत एवं हनुमान जी के संवाद के माध्यम से पीढ़ियों के मध्य संवाद, अनुभव एवं संस्कारों के आदान-प्रदान की महत्ता को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार में रामायण पाठ एवं भजन-गीत की परंपरा अवश्य होनी चाहिए, क्योंकि यही संस्कार बच्चों के चरित्र निर्माण की सुदृढ़ नींव रखते हैं। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपनी बालिकाओं की दिनचर्या को व्यवस्थित करें, समयबद्ध जीवनशैली अपनाएँ, मोबाइल का सीमित एवं सावधानीपूर्वक उपयोग करें तथा बच्चों के साथ नियमित संवाद स्थापित करें। साथ ही परिवार के वरिष्ठ सदस्यों, दादा-दादी एवं बुजुर्गों के साथ समय व्यतीत करने की प्रेरणा भी दी।
कार्यक्रम में कक्षा 6 की छात्रा ईशानी ने अपने हृदयस्पर्शी उद्बोधन में समस्त आचार्यों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सभी शिक्षकों के सुखमय एवं मंगलमय जीवन की कामना की। उनके भावपूर्ण शब्दों ने गुरु-शिष्य संबंध की पवित्रता को जीवंत कर उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। छात्रा के उत्कृष्ट विचारों से प्रभावित होकर विद्यालय के प्रबंधक शोभित ने उन्हें पटका पहनाकर सम्मानित किया। आचार्य रमन, आकाश, ऋचा शर्मा, शालू मलिक का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधक शोभित ने सम्मेलन के सफल आयोजन हेतु समस्त विद्यालय परिवार एवं अभिभावकों को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए सभी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। समस्त विद्यालय परिवार एवं अभिभावकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता के मध्य वन्देमातरम् के सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम का समापन अत्यंत गरिमामय वातावरण में हुआ।

अधिवक्ता परिषद ब्रज मुजफ्फरनगर इकाई द्वारा स्वाध्याय मण्डल कार्यक्रम आयोजित
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। अधिवक्ता परिषद ब्रज मुजफ्फरनगर इकाई द्वारा स्वाध्याय मण्डल कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को स्वाध्याय मंडल कार्यक्रम राष्ट्रीय सभागार हाल सिविल बार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता शलभ बंसल ने कार्यक्रम के विषय *घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005* के विषय में विस्तार से चर्चा की और






