हरिद्वार में तीन दिवसीय कत्थक कार्यशाला का हुआ समापन

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हरिद्वार (रिपोर्टर)। ऐतिहासिक नगरी कनखल की हवाएं घुंघरुओं की झंकार और सुरीले भजनों से गूंज उठीं, जब एब्सट्रैक्ट डिवाइन डांस अकादमी ने अपनी संस्थापक और प्रसिद्ध कत्थक गुरु माधवी भट्टाचार्य के नेतृत्व में तीन दिवसीय गहन कत्थक कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन किया। लखनऊ घराने की समृद्ध विरासत को समर्पित इस कार्यशाला में महान पद्म विभूषण पं. बिरजू महाराज जी के योग्य शिष्योंकृ श्री शंकी सिंह और स्नेह कुमार ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया। तीन दिनों तक चले इस शिविर में माधवी भट्टाचार्य के मार्गदर्शन में 50 उत्साही विद्यार्थियों ने शास्त्रीय नृत्य की बारीकियों को सीखा। कार्यशाला का समापन दक्षेश्वर महादेव मंदिर और राजघाट स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर में भव्य प्रस्तुतियों के साथ हुआ।
इस अवसर पर भक्ति और तकनीक का संगम नन्हे कलाकारों ने कत्थक के आध्यात्मिक और तकनीकी आधार पर ध्यान केंद्रित किया। अपने गुरुओं के निर्देशन में उन्होंने कृष्ण को समर्पित मधुर वंदना ष्कस्तूरी तिलकमष् की सुंदर प्रस्तुति की और तीन ताल यानी 16 मात्रा में कत्थक के बोलों और पदचााल का अभ्यास प्रस्तुत किया।
राजघाट के कृष्ण मंदिर और दक्षेश्वर महादेव मंदिर में इन छोटे बच्चों की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया और उनकी भगवान को समर्पित प्रस्तुति की जमकर सराहना की गई। भाव और लय की जटिलता वरिष्ठ विद्यार्थियों ने लखनऊ घराने की पहचान श्अभिनयश् और कठिन ताल चक्रों पर विशेष प्रस्तुति प्रदानप की। उनके गुरुओं ने विद्यार्थियों को ठुमरी का प्रशिक्षण दिया गया। तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन समारोह केवल कौशल का प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अर्पण था। संस्था की अध्यक्ष और प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना माधवी भट्टाचार्य ने विद्यार्थियों की प्रगति पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि लखनऊ घराने की शुद्धता को बनाए रखने के लिए ऐसी कार्यशालाएं अत्यंत आवश्यक हैं। इन सब विद्यार्थियों को महाराज जी की सिखाई हुई बारीकियों को इतनी लगन से सीखते देखना, उनकी विरासत के जीवंत होने का प्रमाण है। आयोजन का समापन उपलब्धि की भावना और अपनी गुरु माधवी भट्टाचार्य के सानिध्य में भारतीय शास्त्रीय परंपरा की मशाल को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. राधिका नागरथ डॉ. सुरेखा शर्मा आदि उपस्थित थे।

मुजफ्फरनगर-कांवड़ कंट्रोल रूम बना मां-बेटी के लिए मददगार, छह घंटे बाद फिर से हुआ मिलन

मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ में बिछड़ने की घटनाओं से निपटने के लिए जिला पुलिस प्रशासन द्वारा बनाई व्यवस्था एक बार फिर कारगर साबित हुई। रामपुर तिराहा के अस्थायी थाने और शिवचौक कांवड़ कंट्रोल रूम की त्वरित कार्रवाई से छपार क्षेत्र में अपनी मां से बिछड़ी 16 वर्षीय कांवड़िया युवती को

सांसद हरेंद्र मलिक के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने शिव चौक पहुंचकर की कांवड़ियों का पुष्प वर्षा

मुज़फ्फरनगर (रिपोर्टर)। श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा के दौरान रविवार को समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने शिव चौक पहुंचकर शिवभक्त कांवड़ियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान कांवड़ियों के प्रति सम्मान और आस्था व्यक्त करते हुए उनकी धार्मिक यात्रा की सखद, सुरक्षित एवं मंगलमय पूर्णता

मैकलारेन स्पोर्ट्स कार की डिजाइन पर बनी भव्य कांवड़

मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। कांवड़ मेले में इस वर्ष आस्था के साथ आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। इस बार 5.5 करोड़ रुपये की सुपरकार मैक्लॉरेन जैसी दिखने वाली अनोखी कांवड़ आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है। शनिवार दोपहर जब यह कांवड़ दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर सिसौना कट के पास पहुंची, तो इसे

आस्था, भक्ति और एक पिता के निश्चल प्रेम की अनूठी मिसाल बना अंकित

मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। आस्था, भक्ति और एक पिता के निश्चल प्रेम की अनूठी मिसाल शहर में देखने को मिल रही है। प्रसिद्ध फेसबुक क्रिएटर अंकित तोमर अपने 11 माह के बीमार पुत्र के पूरी तरह स्वस्थ होने पर भगवान भोलेनाथ का आभार व्यक्त करने के लिए हरिद्वार से दंडवत कांवड़ यात्रा निकाल रहे हैं। शनिवार को

एडीजी भानु भास्कर ने कांवड़ मार्ग का निरीक्षण कर परखी सुरक्षा व्यवस्था

मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद में कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, सुरक्षित एवं निर्विघ्न सम्पन्न कराने के उद्देश्य से 02 अगस्त की देर रात्रि मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर द्वारा जनपद मुजफ्फरनगर का भ्रमण कर कांवड़ मार्ग एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस

सीएमओ ने कांवड़ चिकित्सा शिविरों में स्वयं संभाली कमान

मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर) मुजफ्फरनगर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान स्थापित चिकित्सा शिविरों का निरीक्षण करते हुए सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विभिन्न चिकित्सा शिविरों में पहुंचकर स्वयं कांवड़ियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, घायलों की प्राथमिक चिकित्सा की, पट्टियां बांधी तथा आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया। कांवड़ियों

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