हरिद्वार (संतोष कुमार)। बहादराबाद स्थित जया मैक्सवेल हॉस्पिटल में डॉक्टरों की टीम ने एक बेहद जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर मरीज की जान बचाई। यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ सर्जन डॉ. विपिन तिवानी के नेतृत्व में 14 सेंटीमीटर की विशाल मूत्राशय पथरी (ब्लैडर स्टोन) को ऑपरेशन के जरिए निकाला गया। डॉक्टरों के अनुसार मरीज लंबे समय से पेशाब की धार कमजोर होने, तेज जलन, दर्द और रुक-रुक कर खून आने जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा था। जांच के दौरान मूत्राशय में 14 सेमी की बड़ी पथरी पाई गई, जिसने केस को और अधिक जटिल बना दिया।

मरीज का मेडिकल इतिहास भी चुनौतीपूर्ण रहा है। उसे पहले ट्यूबरकुलर मेनिनजाइटिस के कारण पैरालिसिस हो चुका है और वीपी शंट सर्जरी भी हो चुकी है। इन जटिल परिस्थितियों के चलते पहले तीन अस्पतालों ने ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया था।
इसके बावजूद डॉ. तिवानी और उनकी टीम ने जोखिम उठाते हुए ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। करीब दो घंटे चली इस सर्जरी में पथरी को सफलतापूर्वक निकाल लिया गया। डॉक्टरों का कहना है कि वीपी शंट और न्यूरोलॉजिकल स्थिति के कारण एनेस्थीसिया और सर्जरी दोनों में जोखिम काफी अधिक था, लेकिन बेहतर योजना और टीम वर्क से ऑपरेशन सफल रहा। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत स्थिर है और पेशाब संबंधी समस्याओं में सुधार देखा जा रहा है। फिलहाल मरीज को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। अस्पताल ने इस सफल सर्जरी को उन मरीजों के लिए उम्मीद बताया है, जिन्हें गंभीर और हाई-रिस्क बताकर अन्य जगहों पर इलाज से मना कर दिया जाता है।

मुजफ्फरनगर-कांवड़ कंट्रोल रूम बना मां-बेटी के लिए मददगार, छह घंटे बाद फिर से हुआ मिलन
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ में बिछड़ने की घटनाओं से निपटने के लिए जिला पुलिस प्रशासन द्वारा बनाई व्यवस्था एक बार फिर कारगर साबित हुई। रामपुर तिराहा के अस्थायी थाने और शिवचौक कांवड़ कंट्रोल रूम की त्वरित कार्रवाई से छपार क्षेत्र में अपनी मां से बिछड़ी 16 वर्षीय कांवड़िया युवती को






