मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। किसान समस्याओं को लेकर गुरुवार को सड़कों पर उतरकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने शक्ति प्रदर्शन किया। अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के बीच भारतीय किसान यूनियन ने मुजफ्फरनगर में ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा के दौरान राकेश टिकैत ने किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार को साफ संदेश दिया। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर देशभर में भारतीय किसान यूनियन की ओर से निकाली जा रही इस यात्रा में किसान ट्रैक्टरों के साथ तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरे।
राकेश टिकैत ने कहा कि ये सिर्फ ट्रैक्टरों की रैली नहीं, बल्कि किसान, खेत और देश के प्रति सम्मान का संदेश है। उन्होंने किसानों से शांतिपूर्ण तरीके से यात्रा निकालने और अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन प्रशासन को सौंपने की अपील की।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में अगस्त क्रांति ट्रैक्टर मार्च निकला गया। जिसमें सैकड़ो ट्रैक्टरों पर सवार हजारों किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। ये क्रांति मार्च जनपद की सभी तहसील ब्लाक और कस्बो में निकला गया है। राकेश टिकैत ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि ये रैली नहीं है ये अगस्त क्रांति मार्च है जो तिरंगे और ट्रैक्टर के साथ निकाला जा रहा है। तिरंगा देश का प्रतीक है ओर ट्रैक्टर किसान का प्रतीक इसलिए हम देशभक्त भी हैं और किसान भक्त भी और क्युकी भक्ति के साथ शक्ति चाहिए तो इसलिए आज हम इस तिरंगा ट्रैक्टर क्रांति मार्च को मना रहे हैं। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने पेपर लीक मामले पर बोलते हुए कहा कि अगर पेपर लीक हो रहे हैं तो पूरे बोर्ड को चेंज कर देना चाहिए। उन्होंने कहा की जगह-जगह छात्रों पर लाठी चार्ज हो रहे हैं सरकार को छात्रों से बात करनी चाहिए। राकेश टिकैत ने किसान मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस दौरान किसानों द्वारा एमएसपी, कर्जमाफी और फसल बीमा जैसे मुद्दे भी यात्रा के दौरान उठाए गए। राकेश टिकैत ने कहा कि किसान अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने किसानों से ट्रैक्टर और खेती के उपकरणों को व्यवस्थित और साफ-सुथरा रखने के साथ युवाओं से खेती और जमीन से जुड़े रहने पर भी जोर दिया। अब नजर इस बात पर रहेगी कि ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा के जरिए उठाए गए किसान मुद्दों पर सरकार की क्या प्रतिक्रिया आती है और किसान संगठनों की आगे की रणनीति क्या रहती है। इस मार्च के दौरान अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी देश के राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को सौपा गया।

मानसून ऋतु-2026 के दौरान प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 8% अधिक वर्षा के बावजूद प्रदेश के 37 जिलों में औसत से कम वर्षा
लखनऊ/मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। मानसून ऋतु (01 जून – 30 सितम्बर) 2026 के दौरान उत्तरोत्तर प्रबल होती एल-नीनो परिस्थितियों के दृष्टिगत मानसून ऋतु के प्रथम चरण (जून-जुलाई) के दौरान प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा के बावजूद मानसून ऋतु के द्वितीय चरण (अगस्त-सितम्बर) के दौरान तटस्थ धनात्मक हिन्द महासागरीय द्विध्रुव एवं हिन्द महासागर में बने कुल 10






