हरिद्वार (रिपोर्टर)। टिहरी विस्थापित कालोनी में 2 घरो में हुई चोरी की घटना का खुलासा करते हुए कोतवाली रानीपुर पुलिस व सीआईयू टीम ने तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियो के कब्जे से चोरी किए गए जेवरात बेचकर मिली 5 लाख रूपए की रकम, दस्तावेज एवं घटना में प्रयुक्त टैम्पो बरामद किया गया है। 29 जुलाई की रात्रि अज्ञात चोरों द्वारा दो मकानों में धावा बोलकर लाखों रूपए के जेवरात और नकदी चोरी कर लिए गए थे। पीड़ित मकान मालिकों ने पुलिस को तहरीर देकर मुकद्मा दर्ज कराया था। मुकद्मा दर्ज करने के बाद गठित पुलिस एवं सीआईयू टीम ने जांच पड़ताल करते हुए सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए बीएचईएल स्टेडियम के पास सुरेश्वरी देवी मन्दिर को जाने वाले तिराहे पर चेकिंग के दौरान नीले रंग के टैम्पो समेत एक संदिग्ध आरोपी अक्षय उर्फ गोलू पुत्र होशियार सिंह निवासी टांडा माईदास थाना नगीना जिला बिजनौर उ.प्र. को दबोचकर उसके कब्जे से स्व.राजेन्द्र पाल नाम का पुलिस कार्ड बरामद हुआ। पूछताछ में संदिग्ध अक्षय ने बताया कि उसने अपने दोस्तों सोनू सैनी व सोनू शर्मा के साथ मिलकर टिहरी विस्थापित कालोनी में दो घरों के ताले तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया था और चोरी में टैम्पो का इसतेमाल भी किया गया था। सोनू सैनी व सोनू शर्मा ने ज्वैलरी बिजनौर ले जाकर बेच दी है। दोनों रावली महदूद डैन्सो चौक के पास स्थित उसके कमरे में रूके हुए है। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी अक्षय उर्फ गोलू की निशानदेही पर 2 अन्य आरोपियो सोनू सैनी पुत्र सतीश सैनी निवासी बिजनौर व सोनू शर्मा पुत्र रोहताश शर्मा निवासी धामपुर जैत्रा जिला बिजनौर हाल निवासी शिवनगर जयन्तीपुर रोड सीमापुर ब्रहमपुरी थाना कटघर जिला मुरादाबाद उ.प्र.को दबोचकर उनके कब्जे से कुल 5 लाख रूपये की नगदी, राजेन्द्र पाल का पैन कार्ड, आधार कार्ड बरामद कर लिया। आरोपी अक्षय उर्फ गोलू व सोनू सैनी के खिलाफ पूर्व में भी कई मुकद्मे दर्ज हैं।

मानसून ऋतु-2026 के दौरान प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 8% अधिक वर्षा के बावजूद प्रदेश के 37 जिलों में औसत से कम वर्षा
लखनऊ/मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। मानसून ऋतु (01 जून – 30 सितम्बर) 2026 के दौरान उत्तरोत्तर प्रबल होती एल-नीनो परिस्थितियों के दृष्टिगत मानसून ऋतु के प्रथम चरण (जून-जुलाई) के दौरान प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा के बावजूद मानसून ऋतु के द्वितीय चरण (अगस्त-सितम्बर) के दौरान तटस्थ धनात्मक हिन्द महासागरीय द्विध्रुव एवं हिन्द महासागर में बने कुल 10






