हरिद्वार (रिपोर्टर)। हरिद्वार जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय पिछले लगभग एक माह से स्थायी अधिकारी के अभाव में संचालित हो रहा है। इससे राशन कार्ड संबंधी कार्यों और आम जनता को मिलने वाली सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि पूर्व जिला पूर्ति अधिकारी विजिलेंस की कार्रवाई में कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार हुए थे, जिसके बाद उनकी जगह मुकेश पाल को हरिद्वार में जिला पूर्ति अधिकारी नियुक्त किया गया। हालांकि कुछ समय बाद उनका भी तबादला हो गया और तब से यह महत्वपूर्ण पद रिक्त पड़ा है।
फिलहाल इस पद का अतिरिक्त प्रभार सिटी मजिस्ट्रेट हरि गिरी को सौंपा गया है। लेकिन हरि गिरी पहले से ही सिटी मजिस्ट्रेट, डिप्टी कलेक्टर तथा मंडी प्रशासक जैसे कई महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। ऐसे में जिला पूर्ति अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार संभालना उनके लिए भी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
स्थायी जिला पूर्ति अधिकारी नहीं होने के कारण राशन कार्ड बनवाने, संशोधन, नाम जोड़ने-हटाने तथा अन्य आवश्यक कार्यों में देरी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को कई बार संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाता, जिससे उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रभावी निगरानी के अभाव में कार्यालय के कुछ कर्मचारी भी मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं, जिससे आम नागरिकों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण विभाग में लंबे समय से नियमित अधिकारी की नियुक्ति न होना प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है। लोगों का कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द हरिद्वार में स्थायी जिला पूर्ति अधिकारी की नियुक्ति करनी चाहिए, ताकि राशन व्यवस्था सुचारु हो सके और आम जनता को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल सके।

रालोद दफ्तर की बदहाली पर कार्यकर्ताओं में आक्रोश, जयंत चौधरी तक पहुंचेगा मामला
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के सर्कुलर रोड स्थित जिला कार्यालय की बदहाली अब पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा और नाराजगी का विषय बनती जा रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिस कार्यालय से पार्टी की गतिविधियों, बैठकों और संगठनात्मक कार्यक्रमों का संचालन होता है, वहां बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव बना हुआ है।





