हरिद्वार (रिपोर्टर)। उत्तराखंड सरकार द्वारा मदरसा बोर्ड को समाप्त कर राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की व्यवस्था लागू किए जाने का अल्पसंख्यक समाज ने स्वागत किया है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष एजाज़ हसन ने कहा कि सरकार का यह निर्णय अल्पसंख्यक समाज के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसरों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। राज्य सरकार ने मदरसा बोर्ड समाप्त कर उसकी जगह उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण को मान्यता, निगरानी और पाठ्यक्रम निर्धारण की जिम्मेदारी दी गई है। नई व्यवस्था के तहत राज्य में अब सभी अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान एकीकृत नियमों और मानकों के अंतर्गत आएंगे। एजाज हसन ने बताया कि अब तक मदरसों के लिए अलग बोर्ड और अलग मान्यता प्रणाली चलती थी। नई व्यवस्था लागू होने से अब सभी अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। अब विद्यार्थियों को आधुनिक विषयों के साथ-साथ अल्पसंख्यक समुदायों की धार्मिक और भाषाई आवश्यकताओं से जुड़े विषयों की शिक्षा भी दी जाएगी। इससे उन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान के साथ आधुनिक शिक्षा का लाभ मिलेगा। एजाज़ हसन ने अल्पसंख्यक समाज की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह निर्णय न केवल शिक्षा सुधार है, बल्कि समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने वाला दूरदर्शी कदम है।

जनपद में 1200 वोटों के आधार पर होगा मतदान बूथों का पुनर्गठन
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश मिश्रा ने बुधवार को जिला पंचायत सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अध्यक्षों और सचिवों के साथ बैठक कर एसआईआर के बाद विधानसभा चुनावों के मतदेय स्थलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार प्रत्येक मतदेय






