हरिद्वार (रिपोर्टर)। हाईकोर्ट के अधिवक्ता ललित मिगलानी ने कहा कि नशा परिवारों का खोखला कर रहा है। नशे की चपेट में आकर कई परिवार तबाह हो चुके हैं। एडवोकेट ललित मिगलानी ने कहा कि नशा समाज के बीच एक अदृश्य शत्रु की तरह है। जिसके सामने हम अपने आपको विवश समझ रहे हैं। समाज को नासूर की तरह खोखला कर रहे नशे के खिलाफ काफी कानून में कई सख्त प्रावधान हैं। नशे के कई रूप हैं। पहले चरस, गांजा, अफीम का नशा प्रचलित था। लेकिन अब आधुनिक युग में दवाईयों के रूप में नशे का व्यापार किया जा रहा है, जो समाज के लिए अधिक घातक है। एडवोकेट ललित मिगलानी ने बताया कि नशे के लिए प्रयोग की जाने वाली प्रतिबंधित दवा बेचने पर दुकान का लाईसेंस रद्द हो सकता है। साथ ही बीस साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा हो सकती है। ललित मिगलानी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि नशे के कारोबार के संबंध में काई भी जानकारी हो तो तुरंत पुलिस से संपर्क कर,े ताकि नशीली दवाएं बेचने वाले व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई हो सके। जानकर भी अनजान बन रहने से इसका अगला शिकार आप और आपका परिवार हो सकते हैं। इसलिए और सावधान सतर्क रहें।

देश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उपज की खरीद हेतू एक राष्ट्रीय किसान डेटाबेस होना चाहिए-अशोक बालियान
मुज़फ्फरनगर (रिपोर्टर)। पीजेंट के चेयरमैन अशोक बालियान ने केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखते हुए कहा है कि भारत में वर्तमान में ‘एक राष्ट्र, एक बाजार’ (One Nation, One Market) की अवधारणा को पूरी तरह से कानूनी जामा नहीं पहनाया गया है, क्योंकि कृषि और मंडियों का प्रशासन मुख्य रूप से






