मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। तमाम प्रयासों के बावजूद जनपद में बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने की दिशा में शुरू कार्रवाई के तहत प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के कड़े रुख के बाद प्रशासन ने प्रदूषण मानकों की अनदेखी करने वाली 16 औद्योगिक इकाइयों को पूरी तरह सील कर दिया है। प्रदूषण विभाग की उक्त कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने इन फैक्ट्रियों के बिजली मीटर तक उखाड़ दिए गए, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
सरकारी निर्देशों के अनुसार, धुआं उत्सर्जित करने वाली सभी औद्योगिक इकाइयों में ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (OCMS) लगाना अनिवार्य है, ताकि प्रदूषण की सीधे निगरानी की जा सके। सिटी मजिस्ट्रेट और क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी की संयुक्त टीम ने जब औचक निरीक्षण किया, तो पाया कि लोहा, मेटल और केमिकल से जुड़ी 16 इकाइयां बिना इस सिस्टम के चल रही थीं। इन फैक्ट्रियों में प्रमुख इकाइयों में उज्जवल कास्टिंग, तारा टेक्नोलॉजी, पीएसआर मेटल, श्री मैटल, एनआर मैटल और तालिब मेटल सहित अन्य शामिल हैं। प्रशासन ने न केवल संचालन बंद कराया, बल्कि भविष्य में अवैध रूप से काम न हो सके, इसके लिए विद्युत कनेक्शन काटकर मौके से मीटर भी हटवा दिए गए हैं।
क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुजफ्फरनगर जितेश चंद्र ने बताया कि जनपद में प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी इकाइयों पर OCMS सिस्टम लगाना अनिवार्य है। इस बीच विभागीय जांच में 16 इकाइयों पर मानक अधूरे पाए गए, जिसके चलते उन्हें सील करने और बिजली मीटर उखाड़ने की कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद में पर्यावरण सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाली किसी भी इकाई को बख्शा नहीं जाएगा।

हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने लगाया फॉर्म-7 के दुरुपयोग का आरोप
हरिद्वार (रिपोर्टर)। हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने मतदाता सूची से नाम काटने के लिए फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों की तरह उत्तराखंड में भी फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश की जा रही है। प्रेस






