मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। उत्तर प्रदेश में वाहन चलाने वालों के लिए अब परिवहन विभाग ने एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़ा निर्देश जारी किया है। ऐसे हालातों में अगर आपके पास भी यूपी नंबर की गाड़ी है तो यह जानकारी आपके लिए और भी जरूरी हो जाती है। खासकर वे वाहन चालक जिन्होंने अभी तक अपने वाहन पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं लगवाई है उन्हें अब भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। परिवहन विभाग के नए नियमों के अनुसार, बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट वाली गाड़ियों को अब भविष्य में प्रदूषण प्रमाण पत्र भी जारी नहीं किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, राज्य में 16 अप्रैल 2026 से यह नई व्यवस्था पूरी तरह लागू की जा रही है। विभाग ने अब सर्वर को इस तरह अपडेट किया गया है कि बिना वैलिड एचएसआरपी युक्त नंबर के वाहन का डेटा विभागीय पोर्टल पर स्वीकार नहीं होगा। इसका सीधा मतलब है कि अगर ऐसे में आपकी नंबर प्लेट पुरानी है, तो आप प्रदूषण की जांच भी नहीं करा पाएंगे। इसके साथ नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन मालिकों की जेब पर भारी बोझ पड़ सकता है। अगर आपके वाहन में हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं है, तो आप पर 5,000 रुपये तक का भारी चालान हो सकता है। वहीं बिनाहाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं बनेगा, इसलिए आप बिना वैध एचएसआरपी के गाड़ी चलाने के भी दोषी माने जाएंगे, जिसका अलग से जुमार्ना भरना होगा।
परिवहन विभाग ने बताया कि प्रदेश सरकार ने इन नियमों से उन लोगों को राहत दी है जिनके पास पुरानी या ‘एंटीक’ गाड़ियां हैं और उनकी निर्माता कंपनियां अब बंद हो चुकी हैं। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बंद हो चुके वाहन निर्माता कंपनियों के मॉडल्स को इस नियम से छूट मिलेगी।

हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने लगाया फॉर्म-7 के दुरुपयोग का आरोप
हरिद्वार (रिपोर्टर)। हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने मतदाता सूची से नाम काटने के लिए फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों की तरह उत्तराखंड में भी फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश की जा रही है। प्रेस






