मुजफ्फरनगर में प्रदूषण विभाग की बड़ी कार्रवाई, तीन फैक्ट्रियों पर लगी सील
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। पर्यावरण नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रही औद्योगिक इकाइयों पर जिला प्रशासन ने फिर से शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। डीएम उमेश मिश्रा के कड़े रुख के बाद सोमवार को मुजफ्फरनगर में प्रदूषण विभाग की टीम ने क्षेत्र में मिल रही शिकायतों के आधार पर प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के विरुद्ध छापेमारी की। इस दौरान मुजफ्फरनगर में तीन पेपर मिलों के प्लांट सील किए गए, वहीं लोनी के सेवाधाम में चार छोटी लोहा गलाने वाली भट्टियों को प्रदूषण बोर्ड अधिकारियों ने सील करने की कार्रवाई की। इस कार्रवाई से अवैध रूप से औद्योगिक इकाइयों में हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिए की गई कार्रवाई फैक्ट्री संचालन करने वाले तमाम संचालकों में हडकंप मचा हुआ है। जिलाधिकारी के निर्देशों पर गठित संयुक्त समिति ने सोमवार को विभिन्न पेपर मिलों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि कचरे से बने ईंधन (RDF) के उपयोग में भारी अनियमितताएं बरती जा रही थीं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगाए गए ट्रॉमिल प्लांट मानकों के विपरीत पाए गए, जिसके बाद नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर के नेतृत्व में प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने मौके पर ही तीन बड़ी मिलों के ट्रॉमिल प्लांट को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। इसमें मैसर्स जीनस पेपर एंड बोर्ड्स लिमिटेड जानसठ रोड, मैसर्स केके डुप्लेक्स एंड पेपर मिल्स और एक अन्य पल्प एंड पेपर मिल भोपा रोड शामिल रही। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आरओ गीतेश चंद्रा ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण से खिलवाड़ करने वाली किसी भी इकाई को बख्शा नहीं जाएगा।

हिन्दू बाहुल्य क्षेत्र में दूसरे समुदाय के व्यक्ति द्वारा मकान खरीदे का विरोध, आक्रोशित लोगों ने मकान पर की तालाबंदी
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। नगर कोतवाली क्षेत्र के मौहल्ला कृष्णापुरी में कुछ दिनों पूर्व हिन्दू बाहुल्य क्षेत्र में दूसरे समुदाय के व्यक्ति द्वारा दो भाइयों से खरीदे मकान का मोहल्ले वालों ने विरोध करते हुए आपस में सामूहिक रूप से बैठक कर मकान की तालाबंदी कर दी। आक्रोशित मोहल्ले वालों को पुलिस भी नहीं रोक पाई। इस






