मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। गुरूवार सुबह से दोपहर बाद तक नगरीय क्षेत्र में होली की मस्ती और खुमारी के बीच वापस गंतव्य की ओर जाने की जल्दी में हाईवे से अन्य संपर्क मार्गों के साथ ही शहर के चौराहों व मुख्य बाजारों समेत कई क्षेत्रों में गलियों तक वाहनों का जाम लोगों की परेशानी का कारण बनता नजर आया। इस दौरान मुख्य चौराहों के साथ बाजारों में दुपहिया और चौपहिया वाहनों के कारण जहां जाम लगा रहा, वहीं एक-दूसरे से आगे निकलने की जल्दबाजी में अधिकांश क्षेत्रों में वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। इससे जहां हर ओर लोगों के वाहन जाम के झाम में घंटों फंसे रहे। वहीं गंतव्य पर जाने को कई मौहल्लों की छोटी एवं संकरी गलियां ई-रिक्शाओं व दोपहिया वाहनों के कारण जाम का कारण बनती हुई दिखाई दी। जाम के झाम से मुक्ति में मददगार बनने वाले पुलिस की गैरमौजूदगी भी इस बीच वाहनों की गति को थामने की जिम्मेदार रही।
जी हां, नगरीय क्षेत्र में तमाम प्रयासों के बावजूद जाम की इस समस्या का निदान होता दिखाई नहीं देता। हालांकि इस समस्या के निदान को लेकर जागरूक लोग कई बार अफसरों से लेकर माननीयों तक को इस समस्या के प्रति प्रेरित कर चुकी है, लेकिन उक्त समस्या ज्यों की त्यों ही बनी हुई है। इस समस्या के निदान को लेकर बीते दिनों जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. सोमेन्द्र तोमर भी नगरपालिका के साथ यातायात पुलिस को इस दिशा में कारगर योजना बनाकर काम करने की चेतावनी दे चुके हैं, लेकिन समस्या का निदान न होना माननीयों के निर्देशों को ठेंगा दिखाता पड़ रहा है। गुरूवार को ऐसे ही हालातों के बीच नगरीय क्षेत्र के तमाम बाजारों व चौराहे जाम के झाम से करार्ह उठे, जब दुल्हेंडी के बाद अपने काम पर लौटने और जरुरी कार्यों के लिए घरों से निकले वाहन मुख्य बाजारों से चौराहों के बीच जाम में फंस गए। इस बीच तमाम वाहन घंटों तक जाम में रेंगते हुए दिखाई दिए। चौराहों पर इस बीच पुलिस की उपस्थिति के अभाव में कुछ ही देर में हालत बद से बदतर होते चले गए और मुख्य सड़कों से हटकर इन गलियों से निकलने वाली ई-रिक्शाओं व दुपहिया वाहनोंं के पहुुंच जाने से गलियों में जाम लग गया। ऐसी स्थिति में स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं गंतव्य की ओर जाने वाले तमाम वाहन चालकों को जाम के बीच फंस जाने से परेशानी उठाने को विवश होना पड़ा।
कहना गलत न होगा कि नगर क्षेत्र में जाम का मुख्य कारण हर ओर तेजी से सिकुड़ती सड़कें और लगातार बढ़ते वाहनों की संख्या के साथ बाजारों में दुकानों के बाहर हो रहे अतिक्रमण और बेतरतीब वाहनों के कारण यह समस्या बड़ी तेजी से बढ़ती जा रही है, लेकिन समस्या के निदान के प्रति जिम्मेदार अधिकारियों की उपेक्षा इस समस्या का निदान कराने में विफल साबित हो रही है। ऐसे हालात रहे तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाए तो अतिश्योक्ति न होगी।







