मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् मुजफ्फरनगर में सीमा विस्तार के बाद 11 पूर्ण गांवों की आबादी शामिल होने के बाद भी नव विस्तारित क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का अभी समाधान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में तमाम लोग आज भी ब्लॉक, तहसील से लेकर टाउनहाल तक चक्कर काटने को विवश हो रहे हैं। इसके लिए भाजपा सभासद ने पालिका के हल्के को बढ़ाये जाने के साथ कर्मचारियों की तैनाती नये सिरे से कराने की मांग की, ताकि नव-विस्तारित क्षेत्र की जनता के बिलिंग संबंधी कार्य में सुलभ व्यवस्था बन सके।
पालिका वार्ड 30 से भाजपा सभासद नवनीत गुप्ता ने पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप को पत्र लिखते हुए बताया कि 2023 में प्रदेश शासन द्वारा नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर का सीमा विस्तार कराया था, जिसमें 11 गांवों का पूरा क्षेत्र तथा 04 गांवों के आंशिक क्षेत्र पालिका सीमा में शामिल हुए हैं। जिसके कारण वर्तमान में पालिका सीमान्तर्गत लगभग 84500 मकानों/अचल सम्पत्तियों से बढ़कर लगभग 1,25,000 अचल सम्पत्तियां आ गई हैं। जितने गांवों का क्षेत्रफल पालिका सीमा में आया है, वहां के लोगों को अपने मकानों और प्लाटों इत्यादि अचल सम्पत्तियों पर बैंक ऋण लेने व अन्य सरकारी कार्यों को पूर्ण कराने में काफी दिक्कतें उत्पन्न हो रही हैं। सभासद नवनीत ने कहा कि पालिका में अभी तक 8 हल्के बनाए हुए है, जिनमें अभी तक 08 पालिका कर्मी कार्यरत हैं। सीमा विस्तार के बाद पालिका सीमा में आए क्षेत्रों को देखते हुए पालिका के 8 हल्कों को बढ़ाया जाना जरुरी है। उन्होंने सीमा विस्तार के बीच पालिका कर विभाग में कम से कम 12 हल्के बनाने की मांग की है। इसके साथ ही उनमें में कार्यरत बीसी, मीटर रीडर और मोहर्रिर को गृहकर, जलकर एवं जल मूल्य वसूली हेतु जवाबदेही के साथ नियुक्त करते हुए कार्य कराया जाये। इसमें जलकर एवं जलमूल्य के बिलों, करांकन एवं जल संयोजन इत्यादि सम्बन्धित कार्य को एक पालिका कर्मी द्वारा अपने निर्धारित हल्के के क्षेत्र के लिए संपादित कराया जाये, ताकि सीमान्तर्गत आए गांवों के व्यक्तियों को सरकारी कार्यों को पालिका के जरुरी दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए उनकी समस्या का निदान कराया जा सके।






