मुजफ्फरनगर। रामलीला टिल्ला पर चल रही श्रीमदभागवत कथा के तृतीय दिवस कथा पूज्य व्यास गंगोत्री तिवारी मृदुल महाराज ने शुकदेव परीक्षित संवाद सुनाते हुए कहा कि मरण तो सबका होता है, पर मरण से पहले परमात्मा का स्मरण हो जाए तो मरण भी मंगल मय हो जाता है।
महाराज श्री ने व्यासपीठ से बताया कि भागवत कथा जीवन में अभ्यत्व प्रदान करती है, वहीं श्रीराम कथा जीवन को जीने की कला प्रदान करती है। एक भाई कैसा होना चाहिए हमें भरत जी से शिक्षा लेनी चाहिए और एक मित्र कैसा होना चाहिए यह हमें भागवत में सुदामा जी से शिक्षा लेनी चाहिए। हमें जीवन पर्यन्त अपने वेद पुराणों का सानिध्य लेना चाहिए, ताकि विषम से विषम परस्थितियों में हम विचलित न हो पाए। महाराज श्री ने कुंती का प्रसंग सुनाते हुए जब भजन सुनाया तो सभी श्रद्धालु झूमने पर मजबूर हो गए। कथा आयोजन बरसाना धाम मंडल की तरफ से बड़े ही दिव्य रूप से कराया जा रहा है। इस दौरान मांगेराम कश्यप ने सपत्नीक पूजन कराया। कथा में राजाराम शर्मा, नरेश कश्यप, अर्चना शर्मा, हिमांशु वर्मा, सुमन सैनी, मधुबाला, राजू सैनी, हरी वर्मा, चंद्र किरण, सचिन, सुनीता, ललित, रवि शर्मा, केपी शर्मा, रमेश चंद गुप्ता, अंकित वर्मा आदि मौजूद रहे।







