हरिद्वार (रिपोर्टर)। कुंभ मेला 2027 के सफल आयोजन के लिए सशस्त्र प्रशिक्षण केंद्र हरिद्वार में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण के तेरहवें चरण का समापन हो गया। इंडियन रेडक्रॉस उत्तराखंड के चेयरमैन प्रो. डॉ. नरेश चौधरी ने सभी 13 चरणों में 3505 पुलिसकर्मियों को कुंभ प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां और व्यावहारिक अनुभव साझा किए। उनके योगदान की पुलिस महानिरीक्षक अनंत कुमार ताकवाले और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंभ मेला आयुष अग्रवाल ने सराहना की।
उत्तराखंड पुलिस विभाग के निर्देशन और कुंभ मेला पुलिस के संयोजन में पिछले चार माह से चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य कुंभ मेले को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है। प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को कुंभ और अर्धकुंभ मेले के इतिहास, भीड़ नियंत्रण, अखाड़ों की परंपराओं, पेशवाई, शाही स्नान (अमृत स्नान) और पूर्व में हुए कुंभ मेलों की प्रमुख घटनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही, पूर्व की घटनाओं की जांच आयोग की रिपोर्टों और उनके अनुपालन से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा की गई। डॉ. चौधरी ने पुलिसकर्मियों को स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापारियों, साधु-संतों, आश्रमों, धर्मशालाओं, होटलों और विभिन्न विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने बड़े स्नान पर्वों और धार्मिक आयोजनों में चार दशकों के दौरान निभाए गए दायित्वों के अनुभव भी साझा किए।

आईजी अनंत कुमार ताकवाले और एसएसपी आयुष अग्रवाल ने डॉ. चौधरी को सभी 13 प्रशिक्षण चरणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने और 3505 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए धन्यवाद दिया। डॉ. नरेश चौधरी ने कहा कि कुंभ मेला 2027 में श्रद्धालुओं और यात्रियों की संख्या पिछले आयोजनों की तुलना में अधिक रहने की संभावना है। मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रमुख स्नान पर्वों के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो सकती है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन की चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षित होने के साथ मानसिक रूप से तैयार रहना भी जरूरी है।

‘नर सेवा-नारायण सेवा’ के भाव से जनसेवा कर रही सरकार: मुख्यमंत्री
लखनऊ (रिपोर्टर)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ में लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके निस्तारण के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ‘नर सेवा-नारायण सेवा’ के भाव से जनसेवा कर रही है। ऐसे में अधिकारी सबकी समस्याओं का समाधान करते हुए जन कल्याण और नागरिकों के जीवन






