मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखते हुए कहा कि आपने नवंबर 2024 महाराष्ट्र एवं नई दिल्ली में आयोजित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के कार्यक्रमों में यह स्पष्ट किया था कि केंद्र सरकार आलू, प्याज और टमाटर जैसी जल्दी खराब होने वाली सब्जियों के लिए ‘मॉडल रेट’ (Model Rate) तय करने की नीति पर काम कर रही है।

नई दिल्ली में कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के सम्मेलन में आपने यह गंभीर सवाल उठाया था कि “किसान जब ₹5-₹6 किलो प्याज बेचकर निकल जाता है, तो बाद में रिटेल बाजार में कीमतें अचानक क्यों बढ़ जाती हैं?”यह जमीनी हकीकत है। व्यापारियों द्वारा होने वाले इस कृत्रिम मूल्य संवर्द्धन से न तो किसान को फायदा होता है और न ही आम उपभोक्ता को फायदा होता है। इस घोषणा के बाद रबी सम्मेलन के दौरान सरकार ने बागवानी फसलों (Horticulture Products) के फार्म-गेट (खेत की कीमत) और खुदरा बाजार (Retail Price) के बीच के भारी अंतर (Price Gap) को कम करने के उपायों का अध्ययन करने के लिए एक आधिकारिक स्तर की कमेटी का गठन जरूर किया था। यह अत्यंत चिंता का विषय है कि आपकी इस ऐतिहासिक घोषणा के बाद भी इस नीतिगत कमेटी के गठन के अलावा, देशव्यापी स्तर पर कोई पारदर्शी ‘भावांतर पोर्टल’ या व्यवस्थित ‘मॉडल रेट’ तंत्र लागू नहीं हो सका है। बाजार मूल्य और मॉडल मूल्य के अंतर की राशि (सब्सिडी) को सीधे किसानों के खाते में भेजने तथा राज्यों को परिवहन सब्सिडी देने की नीति छोटे किसानों को कर्ज के जाल से बचा सकती है। ICAR द्वारा लागत गणना और 50% मुनाफे वाले इस देशव्यापी ‘मॉडल रेट’ तंत्र को जल्द से जल्द पूर्ण रूप से क्रियान्वित किया जाए। हमें पूर्ण विश्वास है कि यह राष्ट्रीय नीति भी देश के सब्जी उत्पादक किसानों के जीवन में समृद्धि लाएगी। शुभकामनाओं सहित।

‘नर सेवा-नारायण सेवा’ के भाव से जनसेवा कर रही सरकार: मुख्यमंत्री
लखनऊ (रिपोर्टर)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ में लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके निस्तारण के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ‘नर सेवा-नारायण सेवा’ के भाव से जनसेवा कर रही है। ऐसे में अधिकारी सबकी समस्याओं का समाधान करते हुए जन कल्याण और नागरिकों के जीवन






