मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। श्रीराम कॉलेज की फैकल्टी ऑफ फाइन आर्ट्स में एनीमेशन इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के साथ एक विशेष संवाद सत्र आयोजित कर अपने डिजाइन कौशल, रचनात्मक अनुभवों और व्यावसायिक कार्यशैली को साझा किया। इस सत्र में अरविंद एम, अरित्र गुहा रे, देविका अनिल कुमार, मुदिता और प्रांजल सैनी ने विद्यार्थियों को एनीमेशन, विजुअल डेवलपमेंट और फिल्ममेकिंग के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से परिचित कराया। इन सभी विशेषज्ञों ने मुंबई स्थित इंडस्ट्रियल डिजाइन सेंटर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे से मास्टर इन डिजाइन की शिक्षा प्राप्त की है।

विशेषज्ञों ने अपनी कंपनी सेती के कार्यों और रचनात्मक परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्टोरीटेलिंग, विजुअल डेवलपमेंट, टू डी,थ्री डी एनीमेशन, इलस्ट्रेशन, पेंटिंग और राइटिंग जैसे क्षेत्रों में किस प्रकार विभिन्न कौशलों का उपयोग किया जाता है। अपनी फिल्मों और प्रोजेक्ट्स के उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक कार्यप्रणाली, रचनात्मक प्रक्रिया तथा नए विचारों को दृश्य माध्यम मंज प्रस्तुत करने के तरीकों से अवगत कराया।सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को प्रयोगधर्मिता अपनाने, सामूहिक रूप से कार्य करने तथा फिल्ममेकिंग और एनीमेशन के क्षेत्र में अपनी मौलिक कार्यशैली विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचारों पर विश्वास रखने, निरंतर अभ्यास करने और नए रचनात्मक प्रयोगों के माध्यम से अपनी पहचान बनाने का संदेश दिया। साथ ही, उन्होंने भविष्य में विद्यार्थियों के साथ मिलकर कार्य करने तथा उन्हें इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने की संभावनाओं पर भी सकारात्मक आश्वासन दिया।
इस अवसर पर फैकल्टी ऑफ फाइन आर्ट्स के डायरेक्टर डॉ. मनोज धीमान ने कहा कि वर्तमान समय में एनीमेशन इंडस्ट्री तेजी से विकसित हो रही है और इस क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के पेशेवर कौशलों की मांग लगातार बढ़ रही है। एनीमेशन, डिजिटल कंटेंट, विजुअल स्टोरीटेलिंग, इलस्ट्रेशन और फिल्ममेकिंग जैसे क्षेत्रों में कला के विद्यार्थियों के लिए रोजगार एवं करियर निर्माण की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इस सत्र का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को यह समझाना था कि एनीमेशन इंडस्ट्री में करियर बनाने के लिए उन्हें किन कौशलों, तकनीकों और रचनात्मक क्षमताओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए।डॉ. धीमान ने कहा कि उद्योग जगत के विशेषज्ञों के साथ इस प्रकार का संवाद विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने और उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं को समझने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने इस सत्र को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया।इस संवाद सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को एनीमेशन एवं डिजाइन इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली समझने अपनी रचनात्मक क्षमताओं को विकसित करने तथा भविष्य में इस क्षेत्र में बेहतर करियर विकल्प तलाशने के लिए नई दिशा और प्रेरणा मिली।कार्यक्रम को सफल एवं सुचारु रूप से आयोजित करने में मीनाक्षी काकरान, हेड फाइन आर्ट्स, तथा फैकल्टी सदस्यों डॉ. अनु, बिन्नू पुंडीर, रजनीकांत, रीना त्यागी, मयंक सैनी, मुक्ता सैनी एवं ऑनर शहजादी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा के किसानों ने महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से की मुलाकात
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक के नेतृत्व में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा के किसानों ने महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एमएल जाट से मुलाकात कर गन्ने की प्रजाति 20016 को विमोचित किए जाने पर आभार जताया। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक, पीजेंट वेल्फेयर एसोसिएशन के






