मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जानसठ रोड स्थित आशीर्वाद वेंकट हॉल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रीवृंदावन धाम से पधारे कथा व्यास आचार्य धर्मेन्द्र उपाध्याय जी महाराज ने श्रद्धालुओं को भागवत कथा के महत्व का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मनुष्य के जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक माध्यम है।
उन्होंने कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने में कभी आलस्य अथवा प्रमाद नहीं करना चाहिए। मनुष्य को यह विचार नहीं करना चाहिए कि वह पहले भी कथा सुन चुका है, इसलिए बार-बार कथा सुनने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बार कथा श्रवण करने पर भगवान की लीलाओं और उनके संदेश को समझने का नया अवसर मिलता है। कलियुग में श्रीमद्भागवत कथा ऐसा दिव्य साधन है, जिसके श्रवण मात्र से मनुष्य के भव बंधन कट सकते हैं और उसके जीवन में आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है।
आचार्य धर्मेन्द्र उपाध्याय जी महाराज ने कहा कि मनुष्य को जब भी और जहां भी भागवत कथा श्रवण का अवसर मिले, उसे इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। कथा श्रवण से मन को शांति मिलती है और व्यक्ति को सत्य, धर्म, सदाचार तथा सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्राप्त होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नियमित रूप से धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों में भाग लेने का आह्वान किया।
कथा व्यास ने माता-पिता की सेवा को भगवान की प्राप्ति का महत्वपूर्ण साधन बताते हुए कहा कि माता-पिता हमारे जीवन के प्रथम गुरु हैं। उनके आशीर्वाद के बिना जीवन में पूर्ण सुख और शांति की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा प्राप्त करने के लिए सबसे पहले अपने माता-पिता की सेवा और सम्मान करना चाहिए। जिस घर में माता-पिता का सम्मान होता है, वहां सकारात्मक ऊर्जा और संस्कारों का वातावरण बना रहता है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने माता-पिता के लिए समय निकालना भूलते जा रहे हैं। यह स्थिति समाज के लिए चिंताजनक है। युवा पीढ़ी को अपने माता-पिता के त्याग, संघर्ष और योगदान को समझते हुए उनकी सेवा को अपना कर्तव्य मानना चाहिए। माता-पिता की सेवा केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि मानवीय संस्कारों की पहचान भी है।
कथा के दौरान आचार्य धर्मेन्द्र उपाध्याय जी महाराज ने श्रद्धालुओं को जीवन में सत्य, संयम, सेवा, सदाचार और भक्ति को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने दैनिक जीवन में अच्छे कर्म करते हुए भगवान का स्मरण करना चाहिए। श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर ईश्वर की भक्ति और मानव सेवा की प्रेरणा देती है। कथा के दौरान भजनों एवं धार्मिक प्रसंगों पर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। पूरा कथा पंडाल भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया। श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक कथा का श्रवण किया और भगवान के जयकारे लगाए। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

छात्रों ने जाना नये औद्योगिक परिवर्तनों के बारे में अतिथि व्याख्यान का आयोजन
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, मुजफ्फरनगर के बीटेक सिविल इंजीनियरिंग एवं डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा संयुक्त रूप से अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें डॉ. अमित कुमार सिंघल द्वारा (“From Blue Print to Balance Sheet: Transforming Engineering and Architecture into Leadership Career”) विषय पर छात्रों को व्याख्यान दिया गया। व्याख्यान के






