मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। रविवार को सनातन धर्म सभा भवन में श्री रामलीला सभा रजिस्टर्ड टाउनहॉल शहर मुजफ्फरनगर का वार्षिक अधिवेशन संपन्न हुआ। अधिवेशन में सर्व सहमति से शिवचरण दास गर्ग को अध्यक्ष तथा सतीश गर्ग को मंत्री एवं नीरज अग्रवाल को कोषाध्यक्ष चुना गया। इस दौरान बाकी कार्यकारिणी बनाने के अधिकार तीनों पदाधिकारियों को सौपा गया।
सनातन धर्म सभा भवन मुजफ्फरनगर में संपन्न इस वार्षिक अधिवेशन में गत कार्रवाई की पुष्टि एवं आय व्यय का विवरण सभी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसके साथ आगामी बजट एवं श्री रामलीला का झंडा कब निकलेगा तथा रामलीला कब से शुरू होगी आदि विषयों पर विचार किया गया। सभा में मंत्री सतीश गर्ग ने सभी से प्रार्थना की कि वह अब मंत्री पद का दायित्व नहीं लेना चाहते परंतु उपस्थित सभी सदस्यों ने एक स्वर में उनसे प्रार्थना की कि वह मंत्री पद पर बने रहे। ऐसे में सभी सदस्यों के अनुरोध पर सतीश गर्ग ने मंत्री पद स्वीकार किया। वार्षिक अधिवेशन में मुख्य रूप से साधुराम गर्ग एडवोकेट, नवीन गुप्ता ठेकेदार, सुखदेव मित्तल वरिष्ठ एडवोकेट, अजय गर्ग बैंक वाले, संजय गोयल ठेकेदार, अजय तायल, ईश्वर फाइनेंस कंपनी, अनुराग अग्रवाल एवं वैभव मित्तल, अनमोल सिंगल, रजत गोयल, कमलकांत शर्मा, स्वराज सिंह, अर्पित अग्रवाल, अक्षत अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
रामलीला सभा के अध्यक्ष शिवचरण दास गर्ग ने बताया कि रामलीला के दौरान रामलीला का पाठ चलता रहता है। पात्रों के अभिनय को भावों से भरने के लिए रामायण की चौपाइयों को मीठी और ओज वाणी में गाया जाता है। प्रेम, करुणा, ममता, रुदन के भाव जहां वाणी व्यक्त करती है, वहीं पात्र का अभिनय चौपाइयों के अर्थ दर्शकों तक पहुंचाता है।
संरक्षक एवं मुख्य निर्देशक साधुराम गर्ग ने बताया कि नियमों का अनुसरण करने वाली अनुष्ठान की रामलीला पूरे भारत में लगभग 20 जगहों पर होती थी। मुजफ्फरनगर भी उन्हीं मे से एक है। वर्ष 1920 में आलू मंडी में अनुष्ठान की रामलीला वाराणसी के आचार्य भीमसेन वेदपाठ ने कराई थी। दर्शकों की बढ़ती संख्या के चलते 1975 में टाउन हाल में रामलीला मंचन की शुरुआत हुई थी। इसमें सभी पात्रों को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अभिनय की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। अभ्यास से लेकर रामलीला समाप्त होने तक सभी पात्र एक स्थान पर पूरे नियमों के साथ रहते हैं।

बालाजी इंस्टीट्यूट एंड कैंसर रिसर्च सेंटर मे किया वर्कशॉप का आयोजन
हरिद्वार (रिपोर्टर)। इएमए कैम्पस बालाजी इंस्टीट्यूट एंड कैंसर रिसर्च सेंटर मे कैंसर पैलीएटिव केयर एवं चिकित्सा तथा इम्यूनोथेरेपी व एआई एंड रेटिना स्केन (आइरिस एनालिसिस) विषय पर वर्कशाप का आयोजन किया गया। वर्कशॉप का शुभारंभ करते हुए इएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बालाजी इंस्टीट्यूट एंड कैंसर रिसर्च सेंटर के निदेशक डा.केपीएस चौहान ने किया। वर्कशॉप






