हरिद्वार (रिपोर्टर)। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ज्वालापुर स्थित ऐतिहासिक स्थल मंडी के कुंए पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन कर तिरंगा फहराय गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व राज्य मंत्री फुरकान अली एडवोकेट ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों के फलस्वरूप आज हम 80 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद अशफाक उल्ला खां को याद उन्होंने कहा कि अशफाक उल्ला खां ने कहा था कि बहार आ जाएगी उस दिन जब अपना बागबां होगा, शहीदों के मजारों पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा। मुख्य अतिथि कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि आजादी में सभी धर्म, सभी वर्गों का योगदान रहा है। साधु संतों ने जंगे आजादी में अपने प्राणों की आहुति दी तो वहीं उलेमाओं ने गुलामी को कबूल ना करते हुए फांसी के फंदे को चूमा और मुल्क को आजाद कराने के लिए अपने प्राणों का बलिदान कर दिया। कांग्रेस जिला अध्यक्ष बालेश्वर सिंह एवं भारतीय किसान मजदूर उत्थान यूनियन के युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरबाज अली एडवोकेट ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की शहादत के चलते ही हम आजादी की हवा में सांस ले पा रहे हैं। हमारे बड़े बुजुर्गों ने अपनी जान माल की परवाह न करते हुए आजादी की लड़ाई में अपना अहम योगदान देकर हमे आजाद कराया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सैनी, भारतीय किसान मजदूर उत्थान यूनियन के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष इरफान अली भट्टी, क्रय विक्रय सहकारी समिति ज्वालापुर के पूर्व अध्यक्ष शमीम अहमद, रियाज़ अली एडवोकेट ने भी विचार रखे और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोम त्यागी, सतीश दुबे, इदरीश मंसूरी, जाकिर सलमानी, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता इरशाद खान, सुल्तान खान, उमर फारूक, जुल्फिकार अंसारी, मोहम्मद तौकीर, इरफान शाह, एजाज अली, तनवीर अली, हाफिज मंसूर अली, नौशाद बेग, फुरकान मंसूरी पेंटर, ललित कुमार, नरेश पाल सहित सैकड़ो लोग शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कांग्रेस नेता डा.झांगीराम एवं इरफान अली भट्टी ने किया।

मानसून ऋतु-2026 के दौरान प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 8% अधिक वर्षा के बावजूद प्रदेश के 37 जिलों में औसत से कम वर्षा
लखनऊ/मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। मानसून ऋतु (01 जून – 30 सितम्बर) 2026 के दौरान उत्तरोत्तर प्रबल होती एल-नीनो परिस्थितियों के दृष्टिगत मानसून ऋतु के प्रथम चरण (जून-जुलाई) के दौरान प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा के बावजूद मानसून ऋतु के द्वितीय चरण (अगस्त-सितम्बर) के दौरान तटस्थ धनात्मक हिन्द महासागरीय द्विध्रुव एवं हिन्द महासागर में बने कुल 10






