मुजफ्फरनगर। दशलक्षण पर्व, जैन धर्म का एक पर्व है जिसे पर्युषण पर्व कहा जाता है। यह पर्व वास्तव में आत्मा की शुद्धि के लिए मनाया जाता है। इन दस दिनों में जैन धर्म के अनुयायी दस लक्षण उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम अकिंचन्य, उत्तम ब्रहमचर्य का पालन करते हैं।
इस बार दशलक्षण पर्व रविवार 8 सितंबर से प्रारंभ होकर मंगलवार 17 सितंबर को समाप्त होगा। इस अवसर पर जनपद मुजफ्फरनगर शहर के प्रसिद्ध जैन तीर्थ अतिशय क्षेत्र वहलना के अलावा नई मंडी मुनीम कालोनी, पटेलनगर, नई मंडी चौडी गली, जैन मिलन, सुरेन्द्र नगर, अबूपुरा, प्रेमपुरी एवं जैन नगर समेत शहर के सभी जैन मंदिरों में पूजा अर्चना व रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
जैन धर्म के अनुसार पर्युषण पर्व क्रोध, मान, माया एवं लोभ आदि विकारों से बचकर संयम पूर्वक धर्म की आराधना करने का अवसर देता है। यह पर्व हमारे जीवन के परिवर्तन में कारण बन सकता है। यह हमारी आत्मा की कालिमा को धोने का काम करता है। विकृति के विनाश व विशुद्धि का विकास इस पर्व का ध्येय है। दस दिन चलने वाले इस पर्व में प्रतिदिन धर्म के एक अंग को जीवन में उतारने का प्रयास किया जाता है। इसलिए इसे दसलक्षण पर्व भी कहा जाता है।

बच्चा चोरी के मामलों के खुलासे पर एसएसपी ने थपथपाई मातहतों की पीठ
हरिद्वार (रिपोर्टर)। रोशनाबाद स्थित पुलिस कार्यालय में आयोजित क्राईम मीटिंग में एसएसपी ने मई माह में जनपद में घटित आपराधिक घटनाओं एवं उनके खुलासे की समीक्षा की। क्राईम मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए एसएसपी नवनीत सिंह ने बच्चा चोरी के तीन बड़े मामलों के खुलासे पर मातहतों की पीठ थपथपाई और सोमवती अमावस्या स्नान सकुशल





