हरिद्वार (रिपोर्टर)। भूपतवाला स्थित भूमा निकेतन आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी अच्यूतानंद तीर्थ महाराज ने शासन, प्रशासन अखाड़ों, धार्मिक संस्थाओं और सनातन धर्मावलंबियों से शास्त्रीय परंपरा का पालन करते हुए हरिद्वार अर्द्धकुंभ मेले को कुंभ पर्व की भांति नहीं बल्कि अर्द्धकंभ के रूप में ही मनाने की अपील की है। पत्रकारों से बात करते हुए स्वामी अच्यूतानंद तीर्थ महाराज ने कहा कि अर्द्धकुंभ मेले का कोई शास्त्रीय प्रमाण नहीं है। तीर्थो की मर्यादा और विचारों के आदान प्रदान के लिए राजा हर्षवर्द्धन ने प्रयागराज व हरिद्वार में अर्द्धकुंभ मेला मनाए जाने की परंपरा शुरू की थी। अर्द्धकुंभ मेले में किसी भी शाही स्नान या अमृत स्नान का भी महत्व नहीं है। शास्त्रों में भी अमृत स्नान का ही प्रमाण है, अन्य किसी स्नान का कोई प्रमाण नहीं है। स्वामी अच्यूतानंद तीर्थ महाराज ने बताया कि कुंभ मेला विशेष नक्षत्र के अनुसार होता है। जब गुरू वृष राशि में हों और सूर्य मकर राशि में प्रवेश करें तो प्रयागराज में कुंभ होता है। जब गुरू कुंभ राशि में हों और सूर्य मेष राशि में प्रवेश करंे तो हरिद्वार में कुंभ पर्व होता है। जब गुरू सिंह राशि में हों तब उज्जैन में कुंभ होता है। जिसे सिंहस्थ कुंभ भी कहते हैं। इसी प्रकार जब गुरू और सूर्य दोनों ही सिंह राशि में होते हैं तो नासिक में कुंभ पर्व का आयोजन होता है। उन्होंने कहा कि सभी धर्म समुदाय अपनी प्राचीन परंपरा के आधार पर ही अपने मुख्य पर्वो को मनाते हैं। सनातन धर्मावलंबियों को भी अपनी प्राचीन परंपरा व सभ्यता के अनुसार ही कुंभ व अर्द्धकुंभ पर्व को मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन प्रशासन से हरिद्वार अर्द्धकुंभ को अर्द्धकुंभ के रूप में ही मनाने का निवेदन किया गया है। अखाड़ों से भी इस संबंध में चर्चा की जाएगी। यदि शासन और मेला प्रशासन द्वारा अर्द्धकुंभ के बजाए कुंभ की अधिसूचना जारी होती है तो कोर्ट का रूख करेंगे। राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले में उन्होंने कहा कि मंदिरों में दान स्वरूप आने वाला धन श्रद्धालुओं के श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है। दान के धन का श्रद्धालुओं और जनता के हित में सद्पयोग किया जाना चाहिए। यदि रामजन्म भूमि ट्रस्ट अपनी प्राचीन सभ्यता एवं मर्यादा के प्रति प्रतिबंधित रहता तो ऐसा कृत्य कभी नहीं होता। इसलिए केदारनाथ, बद्रीनाथ, तिरूपति बालाजी, सिद्धि विनायक, रामेश्वर मंदिर आदि तमाम प्रमुख मंदिरों में इस प्रकार की व्यवस्था की जानी चाहिए। जिससे मंदिरों में आने वाले दान का सद्पयोग हो सके और भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश ना रहे। वरिष्ठ भाजपा नेता श्री गंगा सभा के पूर्व अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी ने कहा कि कुंभ एक शास्त्रीय धार्मिक परंपरा है। शासन, सरकार या किसी भी व्यक्ति को शास्त्रीय मान्यताओं का उल्लंघन कर नई परंपरा शुरू करने का कोई अधिकार नहीं है।

सोशल मीडिया पर अशोभनीय टिप्पणी करने वाले अभियुक्त को पुलिस ने किया गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद में पुलिस द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सतत एवं प्रभावी निगरानी की जा रही है। थाना बुढाना पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली आपत्तिजनक एवं अशोभनीय पोस्ट का संज्ञान लिया गया, जिसमें एक युवक द्वारा अपने सोशल मीडिया अकाउंट फेसबुक पर अभद्र पोस्ट प्रसारित की गयी थी।






