मुज़फ्फरनगर (रिपोर्टर)। पीजेंट के चेयरमैन अशोक बालियान ने केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखते हुए कहा है कि भारत में वर्तमान में ‘एक राष्ट्र, एक बाजार’ (One Nation, One Market) की अवधारणा को पूरी तरह से कानूनी जामा नहीं पहनाया गया है, क्योंकि कृषि और मंडियों का प्रशासन मुख्य रूप से राज्य सरकारों के अधीन आता है। इसी कारण न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीद प्रत्येक राज्य में अलग-अलग नियमों और पंजीकरण प्रणालियों के तहत होती है, जिससे उत्तर प्रदेश के किसान हरियाणा के सरकारी केंद्रों पर अपनी फसल नहीं बेच पाते।
वर्ष 2020 के कृषि कानूनों (जो अब वापस लिए जा चुके हैं) में मुख्य प्रावधान ‘The Farmers’ Produce Trade and Commerce (Promotion and Facilitation) Act’ था। इसका सीधा उद्देश्य किसानों को मंडी के बाहर और राज्य की सीमाओं के पार कहीं भी फसल बेचने की आजादी देना था। केंद्र की मोदी सरकार का उद्देश्य अभी भी ‘एक देश’ – ‘एक बाजार’ का है, लेकिन कृषि ‘राज्य सूची’ (State List) का विषय होने के कारण कानून बनाना पेचीदा है। बिना एक केंद्रीय कानून के, राज्य अपनी मंडियों को अन्य राज्यों के लिए खोलने को बाध्य नहीं हैं। देश में एक ऐसा राष्ट्रीय पोर्टल (जैसे e-NAM का उन्नत संस्करण) हो, जहाँ यूपी का किसान हरियाणा की मंडी के लिए पहले से स्लॉट बुक कर सके। उदाहरण के तौर पर वर्तमान में हरियाणा में ‘मेरी फसल, मेरा ब्यौरा’ जैसे पोर्टल केवल राज्य के मूल निवासियों के लिए खुले हैं। इसे अन्य राज्यों के किसानों के लिए भी खोलने के लिए एक राष्ट्रीय किसान डेटाबेस बनाने की जरूरत है। ऐसे में आपसे आग्रह है कि देश में भविष्य में इस तरह के सीमा विवादों को रोकने के लिए एक पारदर्शी अंतर्राज्यीय व्यापार नीति लागू की जाए। और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उपज खरीद हेतू इसे अन्य राज्यों के किसानों के लिए भी खोलने के लिए एक राष्ट्रीय किसान डेटाबेस बनाने का कष्ट करें।

पिपलेश्वर महादेव मंदिर, नई मंडी कोतवाली में भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह संपन्न
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। पिपलेश्वर महादेव मंदिर, नई मंडी कोतवाली में भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह नई मंडी कोतवाली क्षेत्र स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर में चल रहे प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत आज दिनांक 21 अप्रैल 2026 को श्रद्धा और भक्ति के साथ विशेष पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पावन अवसर पर श्रद्धालु नितिन मित्तल (मित्तल मार्बल)






