हरिद्वार (संतोष कुमार)। हरिद्वार के वार्ड-44 अंतर्गत त्रिमूर्ति नगर एवं आनंद विहार क्षेत्र में जल संस्थान के एक विवादास्पद निर्णय के कारण हजारों की आबादी पेयजल संकट का सामना कर रही है। आरोप है कि ईद-उल-अजहा की रात लगभग 12 बजे त्रिमूर्ति नगर से आनंद विहार की ओर जाने वाली पेयजल लाइन में बिना कोई लिखित आदेश किए इंटरकनेक्शन कर सुभाष नगर की लाइन को जोड़ दिया गया। स्थानीय नागरिकों ने उस समय इस कार्रवाई का विरोध भी किया, लेकिन उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज कर दिया गया।
अब इस निर्णय का सीधा असर क्षेत्र की जलापूर्ति पर दिखाई देने लगा है। त्रिमूर्ति नगर और आनंद विहार जैसी बड़ी कॉलोनियों में पानी का दबाव कम हो गया है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पहले जहां नियमित जलापूर्ति होती थी, वहीं अब कई घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
स्थानीय पार्षद अहसान अंसारी ने इस मामले को कई बार जल संस्थान के अधिकारियों के समक्ष उठाया है और समस्या के समाधान की मांग की है। साथ ही उन्होंने इस इंटरकनेक्शन को समाप्त कर त्रिमूर्ति नगर के लिए पूर्व की भांति नियमित पेयजल आपूर्ति की मांग की है। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे क्षेत्रवासियों में रोष व्याप्त है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

रालोद दफ्तर की बदहाली पर कार्यकर्ताओं में आक्रोश, जयंत चौधरी तक पहुंचेगा मामला
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के सर्कुलर रोड स्थित जिला कार्यालय की बदहाली अब पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा और नाराजगी का विषय बनती जा रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिस कार्यालय से पार्टी की गतिविधियों, बैठकों और संगठनात्मक कार्यक्रमों का संचालन होता है, वहां बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव बना हुआ है।





