मुज़फ्फरनगर (रिपोर्टर)। भोपा थाना क्षेत्र के गांदला गांव में पिछले सात वर्षों से बनी जलभराव की समस्या को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। हिंदूवादी नेता सुमित बजरंगी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से मुलाकात कर गांव की बदहाल स्थिति से अवगत कराया।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सौंपे गए प्रार्थना पत्र में बताया कि गांव का मुख्य मार्ग पिछले कई वर्षों से जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। इसी रास्ते पर प्राथमिक विद्यालय गांदला नंबर-1, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र और शिव मंदिर स्थित हैं। गंदे पानी से भरे मार्ग के कारण बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को रोजाना भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि जलभराव के कारण कई बार बच्चे और महिलाएं फिसलकर पानी में गिर चुके हैं। गंदगी और ठहरे हुए पानी से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने मौके पर ही ग्राम प्रधान को तलब किया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि समस्या के समाधान के लिए प्रशासन जल्द प्रभावी कदम उठाएगा। इस दौरान सुमित बजरंगी ने कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि गांववासी जलभराव वाले रास्ते में अर्धनग्न अवस्था में बैठकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे और प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे। ग्रामीणों ने साफ कहा कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। उन्हें वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान चाहिए। गांववासियों ने जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। लगातार वर्षों से बनी इस समस्या ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई और गांव को जलभराव से मुक्ति दिलाने वाले ठोस कदमों पर टिकी हुई हैं।

रालोद दफ्तर की बदहाली पर कार्यकर्ताओं में आक्रोश, जयंत चौधरी तक पहुंचेगा मामला
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के सर्कुलर रोड स्थित जिला कार्यालय की बदहाली अब पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा और नाराजगी का विषय बनती जा रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिस कार्यालय से पार्टी की गतिविधियों, बैठकों और संगठनात्मक कार्यक्रमों का संचालन होता है, वहां बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव बना हुआ है।





