मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ स्थित बापू भवन में अपर मुख्य सचिव गन्ना एवं चीनी उद्योग वीना कुमारी से मुलाकात कर पेराई सत्र शुरू होने से पहले गन्ने का राज्य परामर्शी मूल्य 500 रुपये प्रति कुंतल घोषित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक और युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह शामिल रहे। धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गन्ना ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और प्रदेश के करीब 48 लाख किसान परिवार प्रत्यक्ष रूप से इससे जुड़े हैं। डीजल, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और कृषि मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि गन्ने के मूल्य में लागत के अनुरूप वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों को लाभकारी मूल्य देना जरूरी है। वर्तमान में कोल्हू और क्रेशर पर गन्ने की खरीद 480 रुपये प्रति कुंतल तक की जा रही है, जिससे चीनी मिलों के सामने गन्ना आपूर्ति का संकट पैदा हो सकता है। उन्होंने चीनी, एथेनॉल, शीरा और अन्य उप-उत्पादों से होने वाली आय को ध्यान में रखते हुए गन्ना मूल्य निर्धारित करने की मांग की।
दिगंबर सिंह ने बजाज समूह की चीनी मिलों पर किसानों का भुगतान बकाया होने के बावजूद गन्ने का क्षेत्रफल कम नहीं करने और किसानों की समस्याओं की अनदेखी पर नाराजगी जताई। उन्होंने गन्ना सुरक्षण आदेश की समीक्षा कराने तथा इसे तैयार करने वाले अधिकारियों की जांच कराकर भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आशंका जताई कि जलभराव, रेड रॉट और टॉप बोरर जैसे रोगों व कीटों के कारण इस वर्ष गन्ने के उत्पादन में गिरावट आ सकती है। उचित मूल्य नहीं मिलने से किसान पॉपुलर और यूकेलिप्टस जैसी अन्य फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने गन्ने का मूल्य कम से कम 500 रुपये प्रति कुंतल घोषित करने का आग्रह किया। अपर मुख्य सचिव ने गन्ना मूल्य निर्धारण के समय किसानों की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और गन्ना सुरक्षण आदेश की समीक्षा कराने का आश्वासन दिया।

हरिद्वार में स्लीपर एवं लग्जरी बसों के विरुद्ध तड़के 4 बजे से सघन प्रवर्तन अभियान, 50 से अधिक वाहनों के चालान
हरिद्वार (रिपोर्टर)। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने अवगत कराया कि जिलाधिकारी हरिद्वार श्री मयूर दीक्षित के निर्देशों के क्रम में जनपद में संचालित स्लीपर एवं लग्जरी बसों की सुरक्षा व्यवस्था, निर्धारित तकनीकी मानकों तथा परमिट शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा शुक्रवार को प्रातः 4 बजे से विशेष






