हरिद्वार (रिपोर्टर)। श्री अखंड परशुराम अखाड़े के संयोजन में जिला कारागार में आयोजित गंगा कथा का श्रवण कराते हुए कथाव्यास पंडित संजय कृष्ण महाराज ने कहा कि मां गंगा की महिमा अनंत है। गंगा जल के आचमन और दर्शन मात्र से ही समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। जिससे कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। पंडित संजय कृष्ण महाराज ने श्रद्धालु भक्तों को विद्यापति की गंगा भक्ति, राजा पुण्यकीर्ति की गंगा भक्ति, मां सीता की गंगा साधना आदि प्रसंगों का श्रवण कराते हुए काशी का गंगा महोत्सव ओर गंगा पूजन विधि की भी विस्तार से जानकारी दी। महामंडलेश्वर संतोषानंद महाराज ने श्रद्धालु भक्तों को आशीर्वचन प्रदान करते हुए कहा कि जीवनदायिनी मां गंगा का जल केवल पवित्र ही नहीं, औषधीय भी है। कारागार में कथा का आयोजन इस बात का प्रतीक है कि धर्म सभी के लिए है। मां गंगा की कृपा से हर व्यक्ति का जीवन शुद्ध और पापमुक्त हो सकता है। श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि अखाड़ा समाज में धर्म, संस्कार और सेवा के लिए समर्पित है। कारागार में कथा आयोजन का उद्देश्य कैदियों के हृदय में भक्ति और सदाचार के भाव जागृत करना है। जेल अधीक्षक मनोज आर्या ने कहा कि जेल प्रशासन का प्रयास है कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से कैदियों को सकारात्मक दिशा मिले। गंगा कथा के श्रवण से सभी को संयम, अनुशासन और नैतिकता की प्रेरणा मिली है। कथा में स्वामी महाबलेश्वर, स्वामी संतोषानंद देव, स्वामी रूद्रानंद, स्वामी कार्तिक गिरि, डा.दिनेश बाली, ऋषि शर्मा, रोहित शर्मा, हिमांशु भारद्वाज, संगीता, वंदना, कुलदीप शर्मा, सुमित कुमार, अमित शर्मा, बलविंदर चौधरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कारागार के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

मानसून ऋतु-2026 के दौरान प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 8% अधिक वर्षा के बावजूद प्रदेश के 37 जिलों में औसत से कम वर्षा
लखनऊ/मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। मानसून ऋतु (01 जून – 30 सितम्बर) 2026 के दौरान उत्तरोत्तर प्रबल होती एल-नीनो परिस्थितियों के दृष्टिगत मानसून ऋतु के प्रथम चरण (जून-जुलाई) के दौरान प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा के बावजूद मानसून ऋतु के द्वितीय चरण (अगस्त-सितम्बर) के दौरान तटस्थ धनात्मक हिन्द महासागरीय द्विध्रुव एवं हिन्द महासागर में बने कुल 10






