हरिद्वार (रिपोर्टर)। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सीसीआर में स्थापित मेला कंट्रोल रूम पहुंचकर सीसीटीवी एवं ड्रोन कैमरों के माध्यम से कांवड़ यात्रा मार्ग, पार्किंग स्थलों, हाईवे, प्रमुख चौराहों तथा संवेदनशील स्थानों की व्यवस्थाओं की लाइव मॉनिटरिंग करते हुए अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही, भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन, पार्किंग व्यवस्था तथा सुरक्षा व्यवस्था का अवलोकन किया और अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में तैनात पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने, भीड़ का व्यवस्थित संचालन करने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल एवं संसाधनों की तैनाती करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भीड़ प्रबंधन को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सभी पार्किंग स्थलों, हाईवे, प्रमुख मार्गों एवं संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी बनाए रखें। साथ ही श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि अगले तीन दिनों में कांवड़ यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इसे दृष्टिगत रखते हुए सभी विभाग पूरी मुस्तैदी एवं समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक संवेदनशील स्थल पर पर्याप्त पुलिस बल, मजिस्ट्रेट एवं अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध रहें, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति का तत्काल प्रभाव से समाधान किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि भीड़ नियंत्रण एवं यातायात डायवर्जन के संबंध में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं को विभिन्न माध्यमों से लगातार जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। कंट्रोल रूम से प्राप्त लाइव फीड के आधार पर पूरे यात्रा मार्ग की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी किए जा रहे हैं। इस दौरान अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (संचार) विपिन कुमार सहित संबंधित अधिकारी एवं पुलिस कर्मी मौजूद रहे।

मानसून ऋतु-2026 के दौरान प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 8% अधिक वर्षा के बावजूद प्रदेश के 37 जिलों में औसत से कम वर्षा
लखनऊ/मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। मानसून ऋतु (01 जून – 30 सितम्बर) 2026 के दौरान उत्तरोत्तर प्रबल होती एल-नीनो परिस्थितियों के दृष्टिगत मानसून ऋतु के प्रथम चरण (जून-जुलाई) के दौरान प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा के बावजूद मानसून ऋतु के द्वितीय चरण (अगस्त-सितम्बर) के दौरान तटस्थ धनात्मक हिन्द महासागरीय द्विध्रुव एवं हिन्द महासागर में बने कुल 10






