हरिद्वार (रिपोर्टर)। मेरठ में प्रदर्शन कर रहे दलितों के साथ पुलिस अधिकारी द्वारा मारपीट करने पर रोष व्यक्त करते हुए कांग्रेस अनुसूचित विभाग ने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार और प्रशासन पर दलितों के शोषण का आरोप भी लगाया। कांग्रेस अनुसूचित विभाग के जिलाध्यक्ष तीर्थपाल रवि एवं महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अमन गर्ग ने कहा कि मेरठ की घटना से सरकार और प्रशासन का दलितों के प्रति व्यवहार सामने आ गया है। दलित बेटी के लिए इंसाफ़ मांग रहे समाज के लोगों को पीटने का अधिकार पुलिस को किसने दिया। भाजपा सरकार जनता से विरोध प्रदर्शन का अधिकार भी छीन रही है। उन्होंने कहा कि दलितों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोप लगाया कि भाजपा शासन वाले तमाम प्रदेशों में दलितों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मारपीट करने वाले पुलिस अधिकारी को तत्काल निलंबित करने की मांग भी की। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मुरली मनोहर व महेश प्रताप सिंह राणा ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर मारपीट के दोषियों को सख्त सजा दी जाए। साथ ही मृतक दलित बेटी को न्याय दिया जाए। दर्ज किए झूठे मुकदमों को वापस लिया जाए। वीरेंद्र श्रमिक व सीपी सिंह ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे लोगों के साथ मारपीट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मारपीट करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में नेत्रपाल सिंह अष्टवाल, वीपी सिंह तेजियांन, आशीष पंवार, सत्यपाल शास्त्री, सुभाष कुमार, प्रवीण कुमार, मनोज धनगर, अरुण चौहान, एलएस रावत, दीवानचंद, अजयदास महाराज, आदेश प्रधान, अक्षय नागपाल, महेशचंद्र, मोनू कुमार, अमित नौटियाल, जतिन हांडा, रकित वालिया, प्रियव्रत, जगपाल सिंह, पार्षद सुनील कुमार, सोहित सेठी, विवेक भूषण विक्की, हिमांशु गुप्ता आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।

रालोद दफ्तर की बदहाली पर कार्यकर्ताओं में आक्रोश, जयंत चौधरी तक पहुंचेगा मामला
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के सर्कुलर रोड स्थित जिला कार्यालय की बदहाली अब पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा और नाराजगी का विषय बनती जा रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिस कार्यालय से पार्टी की गतिविधियों, बैठकों और संगठनात्मक कार्यक्रमों का संचालन होता है, वहां बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव बना हुआ है।





